भिवानी। शहर के रेलवे जंक्शन पर प्रतीक्षालय रूम नहीं होने के कारण यात्री परेशान हैं। सर्दी के मौसम में यात्री खुले में बैठकर ट्रेन का इंतजार करते हैं। प्रतीक्षालय रूम तैयार नहीं होने के कारण यात्रियों को ठंड में बीमार होने का भय सता रहा है। इसका सबसे ज्यादा प्रभाव छोटे बच्चों व बुजुर्गों पर देखा जा सकता है।
रात्रि के समय आने वाली ट्रेनों के इंतजार में यात्रियों को ज्यादा परेशानी होती है। रेलवे जंक्शन पर यात्री दिसंबर की ठंड में ठिठुरते हुए सीढ़ियों व वाहन पार्किंग की जगह पर सो कर रात गुजारते हैं। दिसंबर के महीने की शुरुआत से ही रात्रि तापमान में भी लगातार गिरावट देखी जा रही है। इससे रात को ठंड में ही यात्री जमीन पर लेट कर ट्रेन का इंतजार करते हैं। फिलहाल प्लेटफॉर्म नंबर एक पर शौचालय के सामने पड़ी जगह पर करीबन 15 के आसपास थ्री सीटर कुर्सी लगाई गई हैं।
जंक्शन पर आने वाली यात्रियों की संख्या को देखते हुए कुर्सी बहुत कम हैं। इस कारण यात्री पूरी रात सर्दी में ठिठुरते हुए फर्श पर सो कर बिताते हैं। दरअसल, रेलवे की तरफ से अमृत भारत योजना के अंतर्गत जंक्शन के नवीनीकरण का कार्य जारी है। लेकिन सर्दी को देखते हुए यात्रियों के लिए प्रतीक्षालय रूम की कोई सुविधा नहीं बनाई गई है।
जंक्शन से पूरे दिन में 52 ट्रेनों का आवागमन होता है। दो ट्रेन साप्ताहिक चलती हैं। ऐसे में लंबे रूटों पर चलने वाली और रात के समय आने वाली ट्रेनों के लिए यात्रियों को पहले पहुंच कर इंतजार करना पड़ता है। प्लेटफॉर्म नंबर एक पर पत्थर लगाने का कार्य चल रहा है। इस कारण रेलवे की तरफ से लगाए गए शेड के नीचे भी यात्रियों को ठहरने के लिए कोई प्रबंध नहीं है।
जंक्शन पर तीन प्लेटफॉर्म बने हैं। इसमें से सबसे ज्यादा ट्रेनों का आवागमन एक नंबर प्लेटफॉर्म से होता है। इस कारण सबसे ज्यादा यात्री एक नंबर प्लेटफॉर्म पर सर्दी में रात्रि के समय भटकते देखे जाते हैं। इसका सबसे ज्यादा नुकसान गरीब व मजदूर वर्ग को होता है। जंक्शन के आसपास बने निजी होटलों में भी कुछ यात्री ठहरते हैं। इससे यात्रियों की जेब पर भी आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।
जंक्शन पर नवीनीकरण का कार्य चल रहा है। जल्दी ही कार्य को पूरा किया जाएगा। फिलहाल प्लेटफॉर्म नंबर एक पर जगह बनाई गई है। महिलाओं व पुरुषों के लिए अलग-अलग हॉल की सुविधा की जाएगी।
- कामिनी चौहान, स्टेशन अधीक्षक भिवानी।