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नहर में बैठे ग्रामीण, जेसीबी के आगे अड़े

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ढाणी माहू माइनर में पाइप लाइन डालने का विरोध कर रजवाहे में पानी छोड़ने की अपील करते किसान। संवाद - फोटो : Bhiwani
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तोशाम। ढाणीमाहू माइनर में पाइप लाइन बिछाने के लिए अधिकारी पहुंचे तो आधा दर्जन गांवों के ग्रामीण फिर विरोध पर उतर आए। ग्रामीण पाइप लाइन बिछाने का विरोध कर रहे थे। विरोध स्वरूप अधिकतर ग्रामीण नहर में कूदकर वहीं बैठ गए। एक ग्रामीण तो जेसीबी के सामने ही सो गया। जिस पर हंगामा हुआ। पुलिस ने जेसीबी के आगे से उक्त ग्रामीण को हटाया। वहीं प्रशासनिक अधिकारी ग्रामीणों को समझाने में जुटे रहे। करीब आधे घंटे के हंगामे के बाद ग्रामीणों को पुलिस ने नहर से निकाला और निर्माण कार्य शुरू करवाया। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों को गिरफ्तारी की चेतावनी दी। जिस पर ग्रामीण पहले गिरफ्तारी को तैयार हुए और बाद में बोले कि वे यहीं मरेंगे।
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करीब पांच माह तक किसानों द्वारा ढाणीमाहू माइनर में पाइप लाइन डालने का विरोध किए जाने के बावजूद बुधवार को प्रशासन द्वारा माइनर में पाइप लाइन डालने का काम शुरू कर दिया गया। सुबह करीब साढ़े नौ बजे प्रशासनिक अधिकारियों व पुलिस अधिकारियों के साथ कर्मचारी मौके पर लाइन डालने पहुंचे। सूचना मिलते ही ग्रामीण भी पहुंच गए और विरोध करने लगे। तहसीलदार रविंद्र कुमार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया व डीएसपी मनोज कुमार पुलिस बल सहित पहुंचे। करीब आधे घंटे तक किसान पाइप न डालने की जिद्द पर अड़े रहे। किसानों ने सिंचाई विभाग के एक्सईएन पर पाइप लाइन डालने का कार्य शुरू कर मोटा कमीशन खाने का आरोप लगाया। किसानों ने मौके पर पहुंचे अधिकारियों से मांग की कि एक बार फिजिकल वेरिफिकेशन तो करके देख लेते।
कार्रवाई शुरू करने से पहले डीएसपी मनोज कुमार ने किसानों को सरकारी कार्य में बाधा न डालने की अपील की। जैसे ही लाइन बिछाने का काम शुरू किया गया, किसान विरोध करने के लिए रजवाहे में कूद गए और माइनर में बैठ गए। डीएसपी मनोज कुमार व थाना प्रभारी जयसिंह ने किसानों को समझाकर माइनर से बाहर निकलवाया।
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आधा दर्जन गांवों के ग्रामीण कर रहे विरोध
ढाणीमाहू माइनर में पाइप लाइन डालने का आलमपुर सहित आधा दर्जन गांवों के किसान विरोध कर रहे थे। किसानों ने इसके विरोध में करीब एक माह तक धरना भी दिया था। किसान पाइप लाइन न डाली जाए, इसे लेकर कई बार अधिकारी व राजनेताओं से भी मांग कर चुके हैं। अगस्त माह में किसानों ने पाइप लाइन डालने के विरोध में धरना शुरू किया था। प्रशासन ने 25 अगस्त को पाइप डालने की कार्रवाई शुरू की। जिसका किसानों ने विरोध किया। विरोध के बाद प्रशासन ने किसानों को एक माह का समय दिया और प्रशासन टीम बिना कार्रवाई के बैरंग लौट गई।
साहब कुछ म्हारा भी ख्याल राख लो...
किसानों ने अधिकारियों को कहा कि हम अतिरिक्त उपायुक्त से मिले थे। तब उन्होंने आश्वासन दिया था कि माइनर को ठीक करवाकर पानी छोड़ा जाएगा और उसकी फिजिकल वेरिफिकेशन करवाई जाएगी। मरम्मत तो हो गई लेकिन पानी छोड़कर फिजिकल वेरिफिकेशन नहीं हुई। किसानों ने बताया कि साथ ही कुछ दूरी पर एक माइनर है, उसमें भी पाइप लाइन डाली है और आउटलेट बनाए गए हैं। उन आउटलेटों से पानी खेतों में लगना तो दूर की बात बाहर भी नहीं निकलता है। किसानों ने आरोप लगाया कि सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने पिछले छह माह में एक दिन भी इस माइनर में पानी नहीं छोड़ा। पाइप लगने के बाद बिना पानी छोड़े कैसे संभव होगा की पानी टेल तक पहुंच जाए। अगर सिंचाई विभाग के अधिकारी पानी छोड़कर फिजिकल वेरिफिकेशन करते तो आज यह नौबत नहीं आती। किसानों ने अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए। किसानों का कहना है कि इस माइनर के साथ-साथ उन्होंने मकान बना रखे हैं। अगर पाइप लाइन डल गई तो उनके बोरवेल का पानी खराब हो जाएगा और वे यहां नहीं रह पाएंगे।
साढ़े आठ करोड़ से बिछेगी पाइप लाइन
आलमपुर से ढाणीमाहू तक माइनर में पाइप लाइन बिछाने का खर्चा साढ़े आठ करोड़ रुपये आएगा। 47500 फीट लंबाई में पाइप बिछाए जाएंगे। शुरुआत से लेकर 28 हजार 680 फीट तक 1400 एमएम, 28680 से 38 हजार फीट तक 1200 एमएम, 38000 से 41 हजार तक 800 एमएम, 41 हजार फीट से 44 हजार फीट तक 600 एमएम, 44 हजार से 47500 फीट तक 450 एमएम के पाइप लगाए जाएंगे। माइनर में पाइप लाइन बिछाने के बाद किसानों को पानी देने के लिए 21 आउटलेट बनाए जाएंगे। इस माइनर पर आलमपुर, दुल्हेड़ी, सुंगरपुर, ढाणीमाहू व तीन-चार और गांवों सहित करीबन 55 सौ एकड़ जमीन पड़ती है।
वर्जन:::
शांतिपूर्ण तरीके से पाइप लाइन बिछाने के कार्य की शुरुआत कर दी है। शुरुआत में किसानों ने विरोध किया था, जो समझाने के बाद मान गए। काम चल रहा है किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं है।
- तहसीलदार रवींद्र कुमार, ड्यूटी मजिस्ट्रेट
ये रजवाहा हजारों किसानों की जीवन रेखा है। पिछले 33 सालों से इस रजवाहे के टेल पर पानी नहीं पहुंचा है। रजवाहे का नवीनीकरण किसानों की वर्षों पुरानी मांग थी। अब काम शुरू हुआ है, इसके लिए प्रशासनिक अधिकारियों व किसानों का धन्यवाद।
- सुशील वर्मा, संयोजक, किसान क्रांति कुनबा

ढाणीमाहू माइनर में खड़े होकर पाइप लाइन डालने का विरोध कर रहे किसानों को उठाकर बाहर निकालती पुलिस?- फोटो : Bhiwani

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