बहल (भिवानी)। गांव नूनसर में डेरा सच्चा सौदा की साध संगत की ओर से रविवार को रखी गई नाम चर्चा को लेकर ग्रामीणों और अनुयायियों के बीच विवाद हो गया। डेरा अनुयायी नाम चर्चा करवाने पर अडिग थे तो ग्रामीण इसके विरोध में डटे थे। बाद में पुलिस हस्तक्षेप से चर्चा को संक्षिप्त रूप में पूरा करवाकर विवाद को समाप्त करवाया। गनीमत रही कि पुलिस समय रहते मौके पर पहुंच गई और स्थिति को बिगड़ने से बचा लिया।
रविवार को गांव की बैकवर्ड चौपाल में डेरा सच्चा सौदा के अनुयायियों ने सुबह करीब 9 बजे लोहारू ब्लॉक स्तरीय नाम चर्चा के लिए टेंट लगाना शुरू किया था। नाम चर्चा सुबह साढ़े 11 से डेढ़ बजे तक रखी गई थी। नाम चर्चा में भाग लेने के लिए बसों और अन्य साधनों से करीब 300 से ज्यादा अनुयायी जुटे थे। ग्रामीणों को सार्वजनिक जगह पर नाम चर्चा करवाना नागवार गुजरा और वे इसके विरोध में एकजुट होने लगे। देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण नाम चर्चा स्थल के पास एकत्रित हो गए। ग्रामीणों को आरोप है कि उन्होंने अनुयायियों से इस तरह से इस आयोजन को नहीं करने की बात कही तो उन्होंने उसका विरोध किया और नाम चर्चा स्थल तक नहीं जाने दिया। बाद में विरोध बढ़ता देख ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस थाना प्रभारी हरिओम ने पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों से बात की। पुलिस ने डेरा अनुयायियों को समझा बुझाकर नाम चर्चा को बंद करवाकर विरोध को समाप्त करवा दिया। नाम चर्चा बंद होने पर बाहर से आए अनुयायी अपने-अपने वाहनों में सवार होकर अपने गंतव्य को चले गए।
गांव के निवर्तमान सरपंच को किया था सूचित : मनु
नाम चर्चा के आयोजक सदस्य मनु कुमार ने बताया कि यह नाम चर्चा पूर्व निर्धारित थी और इसके लिए गांव के निवर्तमान सरपंच को सूचित किया गया था। गांव में ऐसे आयोजन केवल सरपंच को सूचना देने के बाद अक्सर होते रहे हैं। गांव के कुछ लोगों ने इसका विरोध किया जो कि सही नहीं था। मनु कुमार ने बताया कि नाम चर्चा में बाकायदा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया गया था और एक वैक्सीनेशन शिविर भी रखा गया था। अनुयायियों द्वारा खंड स्तरीय नाम चर्चा दिन में साढ़े 11 से डेढ़ के बीच रखी गई थी और इसे निर्धारित समय पर शुरू भी किया गया था। ग्रामीणों के विरोध और पुलिस हस्तक्षेप के बाद इसे करीब एक से डेढ़ घंटे के बीच ही समाप्त कर दिया गया। अनुयायियों ने बताया कि उन्होंने पुलिस को तो सूचित नहीं किया पर गांव के सरपंच को सूचना देने के बाद ऐसे दूसरे आयोजन अक्सर होते रहे हैं तो उनका आयोजन भी गलत नहीं था।
पुलिस समय पर नहीं आती तो बिगड़ सकती थी स्थिति
नूनसर गांव में नाम चर्चा के लिए बैकवर्ड चौपाल को चुना गया था, लेकिन ग्रामीण इस बात से खफा थे कि ऐसी सार्वजनिक जगह पर ऐसे आयोजन होने से गांव में सौहार्द की भावना प्रभावित हो सकती है। लिहाजा, कोई अनुयायी इसे अपने घर पर नाम चर्चा करवाए तो उनको कोई आपत्ति नहीं होगी। ऐसी सार्वजनिक जगह पर ऐसे कार्यक्रम से गांव में आपसी माहौल खराब हो सकता है। यदि पुलिस समय पर नहीं पहुंचती तो स्थिति बिगड़ सकती थी।
डेरा अनुयायियों को समझाया
नूनसर गांव में नाम चर्चा किए जाने की सूचना मिली थी, जिसका ग्रामीणों ने विरोध किया। सूचना मिलते ही मौके पर जाकर डेरा अनुयायियों को समझाकर नाम चर्चा को बंद करवा दिया। नाम चर्चा को लेकर कोई अग्रिम सूचना नहीं थी।
-हरिओम, थाना प्रभारी, बहल।
पता नहीं क्या किया विरोध
डेरा अनुयायियों ने गांव के निवर्तमान सरपंच को सूचना देकर खंडस्तरीय नाम चर्चा का आयोजन रखा था। कुछ लोगों ने विरोध किया और पुलिस को बुलाया। पुलिस के आग्रह पर दो घंटे की नाम चर्चा को एक से डेढ़ घंटे में पूरा कर लिया। चर्चा में सोशल डिस्टेंसिंग और कोविड वैक्सीनेशन शिविर भी रखा था, पर पता नहीं किस बात को लेकर विरोध था।
-मनु कुमार, नाम चर्चा आयोजक सदस्य।