बवानीखेड़ा। आदर्श गांव सूई की समाजसेवी सेठ श्रीकिशन जिंदल ने प्रधान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रेरित होकर करोड़ों रुपये खर्च कर सूरत बदल डाली। पिछले वर्ष राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद देखने भी आए थे और उन्होंने समाजसेवी सेठ के कार्यों की सराहना की थी। जिले ही नहीं देश व प्रदेश में सूई गांव अपने आप में मिसाल है। बावजूद इसके गांव में आज भी विकास कार्यों की दरकार है। ग्रामीण गांव की भावी सरकार से विकास कार्यों की उम्मीद लगाए हुए हैं।
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कार्यों की दरकार:
1- गांव में गंदे पानी की समस्या का समाधान हो।
2- गांव की फिरनी पर अवैध कब्जों की भरमार है। उन्हें हटाकर रास्ते खुले बनाए जाएं।
3 - गांव में पेयजल समस्या को दुरुस्त करवाया जाए।
4- गांव में अधूरा पड़ा व्यायामशाला के कार्य को पूर्ण करवाया जाए।
5 - सफाई की समुचित व्यवस्था नहीं। नाले की सफाई की सख्त आवश्यकता है।
6- घर-घर से कूड़ा निस्तारण के लिए वाहन लगाया जाए
7 - गांव में कॉलेज अथवा आईटीआई बनाए जाने की जरूरत है।
8 - गांव में परिवहन व्यवस्था सुचारु की जाए।
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निवर्तमान पंच रामपाल ने बताया कि जल घर के टैंको में लीकेज है व आर ओ फिल्टर भी लचर है। गांव की भावी सरकार से उम्मीद है कि ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल मुहैया करवाएगी।
-रामपाल निवर्तमान पंच व पूर्व कार्यवाहक सरपंच
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गांव से सैकड़ों और लड़कियां उच्च शिक्षा के लिए बाहर जाती है। गांव में लड़कियों के कॉलेज की जरूरत है। भावी सरपंच से उम्मीद है कि उनकी समस्या का समाधान करवाएंगे।
-प्रियंका, छात्रा
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गांव में शहर जाने के लिए बसों की मुख्य समस्या है। गांव में पुस्तकालय भी नहीं है। पुस्कालय की सुविधा बन जाए तो छात्राएं कंपीटिशन एग्जाम की तैयारी अच्छे से कर सकती है।
-पूनम मनकश ,छात्रा
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गांव में अवैध कब्जों की समस्या है, मुख्य रूप से गांव की फिरनी पर कब्जा किए हुए हैं। अब गांव में सरपंच बनाने से उम्मीद है कि वह गांव में अवैध कब्जे हटवा कर फिरने के रास्ते को चौड़ा करवाएंगे। इसके अतिरिक्त गांव में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने की भी जरूरत है, क्योंकि गांव में चोरी की घटनाएं भी हो रही है।
-हरीश कुमार।