भिवानी। शहर के विभिन्न जन संगठनों ने रविवार को शहीद-ए-आजम भगत सिंह की जयंती शहीद भगत सिंह चौक सेक्टर-13 व 23 के बीच मनाई। कार्यक्रम की अध्यक्षता सेक्टर 13 के नागरिक एसोसिएशन प्रधान रामकिशन शर्मा व सेक्टर-23 के नागरिक एसोसिएशन के प्रधान सज्जन कुमार सिंगला ने की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए किसान सभा के जिला उपप्रधान कामरेड ओमप्रकाश ने कहा कि ब्रिटिश साम्राज्यवाद के खिलाफ शहीद-ए-आजम भगत सिंह के नेतृत्व में उस समय देश के युवाओं ने हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन बनाकर क्रांतिकारी लहर पैदा की थी और वे युवा देश में स्वतंत्रता, समानता व सामाजिक न्याय लाने के लिए क्रांति लाना चाहते थे।
उन्होंने कहा कि आज के माहौल में देश में शासक वर्गों द्वारा जिस तरह से जातिवाद, धार्मिक कट्टरता, अंध विश्वास व सांप्रदायिकता पैदा करके मेहनतकश जनता में फूट डाल रखी है तथा कारपोरेट लूट का माहौल बना रखा है। उस सांप्रदायिक व काॅरपोरेट गठजोड़ के खिलाफ इन शहीदों की विरासत से प्रेरणा लेकर हमें उनके सपनों स्वतंत्रता, समानता व सामाजिक न्याय को सुनिश्चित करने के लिए क्रांतिकारी आंदोलन को तेज करना व संगठित करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इस अवसर पर ज्ञानी प्रेम सिंह, करतार ग्रेवाल, जयभगवान शर्मा, कामरेड अनिल कुमार, कंवर सिंह, रतन जिंदल शामिल रहे।
भगत सिंह व उनके क्रांतिकारी साथी देश के लिए हुए कुर्बान : सैनी
तोशाम। जन संघर्ष समिति तोशाम ने शहीद पार्क में शहीदे आजम भगत सिंह की 118वी जयंती मनाई और भगत सिंह को पुष्प अर्पित किए। जिनमें जन संघर्ष समिति तोशाम के नेता एडवोकेट बस्तीराम, फूलचंद दूल्हेड़ी, महेंद्र सिंह कटारिया, उजाला राम, सूरा सरल, युवा कल्याण संगठन से कमल सिंह प्रधान, संदीप भगत सिंह क्लब शामिल रहे। ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के जिला प्रधान रोहतास सिंह सैनी ने बताया कि भगत सिंह व उनके क्रांतिकारी साथी देश की जनता के लिए जिए और जनता के लिए ही कुर्बान हुए। हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन के नाम से एक सही क्रांतिकारी पार्टी बनाकर उन्होंने आजादी आंदोलन को जी-जान से आगे बढ़ाया था। शहीद भगत सिंह का कहना था कि सांप्रदायिकता को रोकने के लिए जनता के बीच वर्ग-चेतना पनपाने की जरूरत है, ताकि लोग खुद असली दुश्मन को पहचान सकें।
भगत सिंह की की शहादत को कभी भुलाया नहीं जा सकता
भिवानी। क्रांतिकारी सोच के लिए सपने बुनने पड़ते हैं। क्रांतिकारी जन्म से नहीं बल्कि अच्छी सोच से बनता है। देश की आजादी में 21 साल के वीर भगत सिंह जैसे क्रांतिकारी योद्धा के संघर्ष और शहादत को कभी भुलाया नहीं जा सकता। यह बात डाॅ. अंबेडकर फ्री डिजिटल लाइब्रेरी दादरी गेट भिवानी स्थित गुरु रविदास धर्मशाला में आयोजित शहीद-ए-आजम वीर भगत सिंह के जन्मदिवस पर आयोजित कार्यक्रम में शहीद-ए-आजम वीर ऊधम सिंह प्रदेश महासभा के प्रदेशाध्यक्ष राजू मेहरा ने कहे। राजू मेहरा ने कहा कि आज फिर देश में एक क्रांति सोच की जरूरत है। युवाओं को अपने हक अधिकारों के लिए आगे आना होगा। इस मौके पर विकास, साहिल बंगालिया, निधि राजकुमार, अंकुर प्रजापति उपस्थित थे।