भिवानी। प्रदेश सरकार अब इजराइली पद्धति से किसानों के खेतों में पानी पहुंचाएगी। इसके लिए प्रदेश सरकार 14 पायलेट प्रोजेक्ट तैयार कर रही है। इस तकनीक से प्रदेश के किसान को खेत में पानी स्वत: मिलने लगेगा। दस साल की अवधि में इस तकनीक को पूरे प्रदेश में पहुंचाने का काम किया जाएगा। यह बात कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने कही। उन्होंने गांव कायला में सांगा माइनर के दो लाख 58 लाख से होने वाली नवीनीकरण की आधारशिला रखी। जनस्वास्थ्य मंत्री घनश्याम सर्राफ भी मौजूद रहे।
कृषि मंत्री ने माइनर नवीनीकरण की आधारशिला रखने के बाद सिंचाई विभाग के अधिकारियों को माइनर के साथ लगते खाले और नाले पक्के बनाने के भी निर्देश दिए। कृषि मंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार ने किसानों को सबसे अधिक मुआवजा राशि देने का काम किया। इसके अलावा अन्य राज्यों की तुलना में अनाज के दाम अधिक दरों पर दिए गए। किसानों के लिए सरकार ने नई मंडियां विकसित करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि तीन लाख गौधन इस समय प्रदेश की विभिन्न गौशालाओं में है और एक लाख 17 हजार गाय व नंदी बेसहारा हैं, जिनके लिए 40 अभ्यारण्य बनाए जाएंगे। इनमें से दो अभ्यारण्य भिवानी जिले में बनेेंगे, जिनमें एक गांव बडराई में और दूसरा भिवानी शहर में दादरी रोड़ पर बनाया जाएगा।
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री घनश्यादास सर्राफ ने कहा कि पिछले काफी समय से लोग सांगा माइनर में पानी न मिलने से परेशान थे। इस माइनर के बनने के बाद कायला, सांगा, बडाला, धारेडू़, बामला, नौरंगाबाद, कोंट, उमरावत और पूर्णपुरा के किसानों को सीधा लाभ होगा। उन्होंने कृषि मंत्री के समक्ष विभिन्न गांवों की गलियां, सड़कें, पुलिया व ग्राम सचिवालय बनवाने की मांग की, जिस पर कृषि मंत्री ने तुरंत स्वीकृति की मुहर लगा दी। ग्रामीणों ने कृषि मंत्री व जनस्वास्थ मंत्री का फूलमालाओं व पगड़ी पहनाकर स्वागत किया। कार्यक्रम में विधायक बिशंभर वाल्मीकि, नप चेयरमैन भवानी प्रताप, जिला प्रधान ताराचंद अग्रवाल, शंकर धूपड़, ओमप्रकाश मान, नंदराम धानिया, डॉ. बलवान सांगवान, संजय कायला, जगदीप सांगवान, सतेंद्र परमार व एसडीएम सतपाल सिंह, सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता जगमोहन सिंह, अधीक्षक अभियंता गुलाब सिंह नरवाल, कार्यकारी अभियंता दलीप कुमार, आरके भोडवाल आदि मौजूद रहे।