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Bhiwani News: छह डिग्री न्यूनतम में ठिठुर रहा लावारिस गोवंश, 2500 से अधिक गोवंश खुले में बिता रहे रैन

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सड़क किनारे बैठे लावारिस गोवंश। संवाद - फोटो : Bhiwani
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भिवानी। सूखी ठंड की वजह से न्यूनतम तापमान छह डिग्री तक पहुंच रहा है। ऐसे में ठंड लावारिस पशुओं के लिए भी जानलेवा हो गई है। शहर में करीब 2500 से अधिक लावारिस गोवंश खुले में ही सड़कों पर रात बिता रहे हैं। सड़कों के किनारे रातभर बैठे गोवंश से अंधेरे में हादसों का अंदेशा भी बना है। नगर परिषद शहर में घूम रहे लावारिस पशुओं का भी कोई प्रबंध नहीं कर पा रही है।
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वहीं नंदीशाला में भी 800 से अधिक नंदी होने की वजह से ठीक से यहां बैठने की भी जगह नहीं बची है। जबकि ठंड के मौसम में अभी तक नया शेड भी तैयार नहीं हुआ है। खास बात यह भी है कि पिछले दस दिनों में निमोनिया से पीड़ित 80 लावारिस गोवंश गोशाला में उपचार के लिए आ चुके हैं। वहीं पशु चिकित्सकों का कहना है कि लावारिस गोवंश इस समय सबसे अधिक निमोनिया की चपेट में हैं। इसकी वजह पूरी खुराक नहीं मिल पाने की वजह से इम्यूनिटी पॉवर भी कम हो गई है और ज्यादा ठंड में रात में पुख्ता इंतजाम भी नहीं है।
नगर परिषद की नंदीशाला में इस समय 800 से अधिक नंदी हैं, जबकि हालुवास गेट की नंदीशाला में 500 से अधिक नंदियों को रखा गया है। जबकि शहर की सड़कों पर करीब ढाई हजार से अधिक लावारिस गोवंश घूम रहे हैं, जिनके लिए न तो प्रशासन कोई प्रबंध कर पाया है न ही नगर परिषद कोई व्यवस्था बना रही है। ऐसे में लावारिस पशुओं को पकड़ने का अभियान भी काफी अर्से से ठंडा है। लावारिस गोवंश बीमार होने पर उन्हें गो सेवकों के माध्यम से गोशाला में उपचार के लिए पहुंचाया जा रहा है। पिछले दस दिन में 80 लावारिस गोवंश आए हैं, जिनमें ज्यादातर निमोनिया से पीड़ित मिले हैं जबकि इक्का दुक्का ही सड़क दुर्घटनाओं में घायल आए हैं। नंदीशाला में जेसीआई संस्था को जिम्मेदारी मिलने के बाद यहां नंदियों के चारे की व्यवस्था तो सुधर गई हैं, मगर रखरखाव के अभाव में अब भी नंदी ठंड से ठिठुर रहे हैं, क्योंकि नगर परिषद ठंड के मौसम में अभी तक शेड तैयार नहीं करा पाया है। हालांकि शेड निर्माण का काम चल रहा है, जबकि पहले से बने शेड के एक हिस्से का फर्श भी उखाड़ दिया है। जिसका काम चल रहा है। इस शेड का इस्तेमाल भी काम की वजह से नहीं हो पा रहा है। नंदीशाला में करीब 500 नंदियों के रखरखाव की ही व्यवस्था है, मगर इस समय नंदीशाला में 800 से अधिक नंदी है। जिसकी वजह से यहां नंदियों के लिए ठीक से रात को शेड के नीचे बैठने की जगह भी नहीं है।
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दस लाख से बन रहा है नंदीशाला में नया शेड
नगर परिषद करीब दस लाख के बजट से नंदीशाला में नए शेड का निर्माण करा रहा है। इस शेड के बनने के बाद नंदियों के लिए ठंड के मौसम में बचाव कर पाना संभव हो पाएगा। जबकि नंदीशाला में नंदियों के हरे और सूखे चारे की व्यवस्था जेसीआई संस्था अपने खर्च पर करा रही है।
इनदिनों तापमान ज्यादा नीचे गिर रहा है। इसकी वजह से लावारिस नंदी में निमोनिया के मामले ज्यादा बढ़ गए हैं। रोजाना ही हमारे पास पांच से छह मामले आ रहे हैं। सर्दी में लावारिस पशुओं को ज्यादा कुछ खाने को नहीं मिलता, जिसकी वजह से उनकी इम्युनिटी पॉवर काफी घट रही है वहीं रात के समय भी खुले में ही रहते हैं। बचाव के लिए पूरी खुराक और रात के समय शेड के नीचे अलाव का सहारा जरूरी है। दवाओं का भी हमारे पास उचित स्टॉक है।
- डॉ. सुनील बुंदेला, पशु चिकित्सक, पॉलीक्लिनिक भिवानी।
नंदीशाला में शेड निर्माण का काम चल रहा है। करीब एक सप्ताह में नया शेड बनकर तैयार हो जाएगा। नए शेड बनने के बाद नंदीशाला में कोई दिक्कत नहीं होगी वहीं शहर में लावारिस पशुओं के प्रबंध के लिए भी जल्द कदम उठाया जाएगा।
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- प्रीति भवानी प्रताप, चेयरपर्सन नगर परिषद भिवानी।
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