नागरिक अस्पताल भिवानी में अल्ट्रासाउंड कक्ष के बाहर बैठ अपनी बारी का इंतजार करते मरीज।
भिवानी। अल्ट्रासाउंड की दो मशीनों के बावजूद एक चिकित्सक ही तैनात है, ऐसे में मरीजों को कैसे बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। अल्ट्रासाउंड के लिए मरीजों को दूसरे दिन भी मरीज चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
नागरिक अस्पताल भिवानी में अल्ट्रासाउंड की दो नई मशीनें हैं, जबकि एक चिकित्सक ही यहां तैनात है। ऐसे में रोजाना ओपीडी समय के दौरान केवल 50 से 55 मरीजों के ही अल्ट्रासाउंड हो पाते हैं। वहीं 30 से 35 मरीजों को अगले दिन आने के लिए बोला जा रहा है। ये मरीज दोबारा अस्पताल में अल्ट्रासाउंड के लिए चक्कर लगाने के लिए मजबूर हैं। जिला नागरिक अस्पताल में अधिकतर मरीज तो ग्रामीण क्षेत्रों व दूर दराज से आते हैं, जिनके लिए दोबारा से अल्ट्रासाउंड के लिए आना और फिर चिकित्सक से चेकअप कराकर दवा पाना मुश्किल हो रहा है।
जिला नागरिक अस्पताल की ओपीडी में करीब सवा सौ मरीजों का अल्ट्रासाउंड कराने का सुझाव दिया जाता है। इनमें से केवल 50 से 55 मरीजों का ही दोपहर बाद तक अल्ट्रासाउंड हो पाता है। ऐसे में चिकित्सक बाकी मरीजों को अगले दिन आने के लिए बोल चला जाता है।
ये मरीज घंटों तक इंतजार के बाद भी अल्ट्रासाउंड न होने पर निराश घर लौटते हैं। जब तक अल्ट्रासाउंड की रिपोर्ट चिकित्सक के पास नहीं जाती तब तक उन्हें न तो उपचार मिलता है न दवा। ये मरीज अपने मर्ज को लेकर फिर से नागरिक अस्पताल में पहुंचने पर मजबूर हो जाते हैं। यहां घंटों तक लंबी कतारों में लगो से भी उनका मर्ज बढ़ रहा है। यहां की व्यवस्था की वजह से ही मरीज ज्यादा दुखी है।
नागरिक अस्पताल में अल्ट्रासाउंड के लिए केवल एक चिकित्सक है, जबकि यहां दो अल्ट्रासाउंड मशीन हैं। ऐसे में एक चिकित्सक से ओपीडी के दौरान केवल 50 से 55 मरीजों के ही अल्ट्रासाउंड हो पाते हैं। गंभीर मरीजों के वरियता के हिसाब से अल्ट्रासाउंड किए जाते हैं। हमने नागरिक अस्पताल में चिकित्सकों के रिक्त पदों की डिमांड मुख्यालय को भेजी हुई है। नए चिकित्सक आने पर व्यवस्था में सुधार होगा। - डॉ. दशरथ राव, कार्यवाहक प्रधान चिकित्सा अधिकारी, जिला नागरिक अस्पताल भिवानी।