भिवानी। केंद्र सरकार द्वारा एक फरवरी को पेश किए जाने वाले आगामी आम बजट (2026-27) को लेकर व्यापारियों ने अपनी उम्मीदें और सुझाव साझा किए हैं। भारतीय उद्योग व्यापार मंडल ने प्रधानमंत्री के 5 ट्रिलियन डॉलर इकॉनोमी के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कर प्रणाली में आमूलचूल बदलाव और सरलीकरण की वकालत की है।
वहीं जीएसटी एमनेस्टी स्कीम की जरूरत है, जिससे जटिलताओं का समाधान होगा। भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के राष्ट्रीय महासचिव एवं नगर व्यापार मंडल के अध्यक्ष भानु प्रकाश ने सरकार द्वारा जीएसटी के सरलीकरण और दो स्लैब की दिशा में उठाए गए कदमों की सराहना की, लेकिन अनुपालन में आ रही व्यावहारिक बाधाओं पर चिंता भी जताई है। नगर व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने भी केंद्रीय आम बजट से काफी उम्मीदें हैं।
व्यापार को बढ़ावा देने और देश की अर्थ व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए कुछ सुझाव भी दिए जा रहे हैं। जिनमें मुख्य तौर पर पुराने वर्षों के लंबित ब्याज और पेनल्टी के निपटारे के लिए एमनेस्टी योजना लाए जाने की मांग की जा रही है। इसी के साथ जीएसटी में लगने वाली ब्याज दर को 18 फीसदी से घटाकर 6 फीसदी किए जाने की मांग है। केंद्रीय बजट में व्यापारियों को सबसे अधिक राहत मिलनी चाहिए, ताकि कोविड के बाद से लड़खड़ाए व्यापार को संयमित किया जा सके।
-भानुप्रकाश शर्मा अध्यक्ष नगर व्यापार मंडल भिवानी।
व्यापारियों के लिए ई-वे बिल की वर्तमान सीमा को बढ़ाकर पांच लाख रुपये किया जाए। इसी के साथ व्यापारियों को एक लाख रुपये तक की वार्षिक टैक्स डिमांड को राइट आफ यानी माफ किया जाए। भिवानी में ज्यादातर छोटे व्यापारी हैं, जिनको इस तरह की राहत देकर केंद्र सरकार अपना कारोबार संभालने में मदद कर सकती है। अधिकांश छोटे कारोबारी केंद्रीय बजट से काफी उम्मीदें रखे हुए हैं, जिन्हें पूरा करना सरकार का काम है।
-राजकुमार यादव कपड़ा व्यापारी
ई-इनवॉइस की गलती सुधारने की अवधि को बढ़ाकर एक माह किया जाए और मध्यम वर्ग और व्यवसाय के लिए विशेष पैकेज दिए जाने की मांग है। केंद्रीय बजट में व्यापारियों को राहत देना बेहद जरूरी है। अगर व्यापारी मजबूत होगा तो देश की अर्थव्यवस्था भी सुदृढ़ होगी। आम तौर पर केंद्रीय बजट में व्यापारियों को उम्मीद ज्यादा रहती है, लेकिन उन्हें बहुत कम लाभ मिल पाता है। ऐसे में सरकार को हर पहलु को ध्यान में रखकर बजट को पेश करना चाहिए।
-देवेंद्र गुप्ता प्रधान लोहा एसोसिएशन भिवानी।
व्यापारियों की मांग और मुद्दे तो बहुत रहते हैं। इसमें केंद्र और राज्य सरकार से जुड़ी काफी ऐसी मांगें शामिल हैं, जिन्हें पूरा करने से ही व्यापारियों का सही मायने में भला हो सकता है। केंद्रीय आम बजट से भी व्यापारियों को कुछ राहत की आस बंधी है। केंद्रीय बजट में अब व्यापारियों के लिए क्या घोषणाएं होती हैं यह तो बजट पेश होने के बाद ही स्पष्ट होगा, लेकिन केंद्रीय बजट को तैयार करने से पहले सभी पहलुओं पर गंभीरता से विचार जरूरी है।
-अतुल रोहिल्ला प्रधान घंटाघर रेडीमेड मार्केट भिवानी।
आयकर कानून के नियमों में भी बड़े सुधारों की जरूरत महसूस हो रही है ताकि करदाताओं की क्रय शक्ति बढ़ सके। आम तौर पर आयकर और व्यापार को जोड़कर देखा जाता है। क्योंकि व्यापारी ही एक ऐसा बड़ा वर्ग है, जो सरकार को सबसे अधिक कर चुकाता है। ऐसे में इस वर्ग के लिए केंद्रीय आम बजट में भी विशेष पैकेज की घोषणाएं होनी चाहिए ताकि छोटे व मध्यम दर्जे के व्यापारी अपना कारोबार को आगे बढ़ा सकें।
-प्रेम धमीजा अध्यक्ष हांसी गेट मार्केट एसोसिएशन भिवानी।