कृषि कानूनों के विरोध में शनिवार को किसान तीन घंटे तक भिवानी शहर से गुजर रहे नेशनल हाइवे और स्टेट हाइवे को जाम कर अपनी ताकत दिखाएंगे। जिले में 16 जगह जाम का निर्णय लिया गया है। शुक्रवार को दिनभर जाम की तैयारियों में किसान नेता लगे रहे वहीं जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और अन्य विभाग भी किसानों के जाम संबंधित कार्यक्रम का फीडबैक लेकर अपनी प्लानिंग बनाते रहे। रोडवेज प्रबंधन ने निर्णय लिया है कि वह बस चलाएगा मगर जहां भी किसान रोकेंगे, बसें वहीं से वापस लौट जाएंगी। वहीं किसानों ने कितलाना टोल पर चल रहे आंदोलन में प्राइवेट स्कूल संचालकों से आह्वान किया कि वे जाम के समय को देखते हुए तीन बजे के बाद बच्चों की छुट्टी करें। वहीं एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड को किसान रास्ता देंगे। सात फरवरी को किसान नेता राकेश टिकैत और सरदार गुरनाम सिंह चढूनी की महापंचायत भी अब चरखी दादरी की बजाए भिवानी में होगी।
कृषि कानूनों के विरोध में अब किसान अपने आंदोलन को तेज करने की तैयारी कर चुके है। इसी कड़ी में शनिवार को जिले में 16 जगह तीन घंटे के लिए जाम लगाया जाएगा। किसान दोपहर बाद से तीन बजे तक सभी नेशनल हाइवे, स्टेट हाइवे जाम करेंगे। जिसकी तैयारी होगई है।
किसान नेता राकेश टिकैत, सरदार गुरनाम सिंह चढूनी सात को कितलाना टोल पर करेंगे महापंचायत
संयुक्त किसान मोर्चा के नेता राकेश टिकैत और सरदार गुरनाम सिंह चढूनी 7 फरवरी को सुबह 11 बजे कितलाना टोल पर किसान महापंचायत करेंगे। चरखी दादरी में प्रस्तावित यह महापंचायत अब कितलाना टोल प्लाजा भिवानी पर होगी। शुक्रवार को कितलाना टोल पर चल रहे अनिश्चित कालीन धरने पर विभिन्न खापों, सामाजिक, किसान और कर्मचारी संगठनों की बैठक हुई। महापंचायत के इंतजामों को लेकर अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई। दादरी से निर्दलीय विधायक और खाप 40 के प्रधान सोमबीर सांगवान ने कहा कि सात फरवरी की महापंचायत इस आंदोलन का टर्निंग प्वाइंट बनेगी। धरने पर किसान नेताओं ने निजी स्कूल संचालकों से आग्रह किया गया कि वे अपने -अपने स्कूल की छुट्टी तीन बजे करें ताकि बच्चों को कोई परेशानी ना हो। दादरी अनाज मंडी की आढ़ती एसोसिएशन ने धरने को समर्थन दिया। इस मौके पर महासचिव विनोद गर्ग, उपप्रधान राधेश्याम, सुरेंद्र अटेलिया ने कहा कि एमएसपी खत्म होने से किसान और आढ़ती दोनों पर बड़ी मार पड़ेगी। भिवानी बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान देवेंद्र श्योराण सोढ़ी और अधिवक्ता ब्रह्मानंद ने कहा कि किसान आंदोलन के दौरान जिन किसानों पर केस बनेंगे, वे नि:शुल्क पैरवी करेंगे।43वें दिन की अध्यक्षता नरसिंह डीपीई, बलवंत नंबरदार, गंगाराम श्योराण, सुभाष यादव, रणधीर कुंगड़, रत्तन जिंदल, दिलबाग ग्रेवाल, राजेश देवी झोझूकलां ने संयुक्त रूप से की। इस अवसर पर सुरजभान सांगवान, सुरेश फौगाट, प्रभुराम गोदारा, राजू मान, जगबीर घसोला, कमल प्रधान, सत्यवान बलियाली, धर्मपाल महराणा, शमशेर फौगाट, धर्मेंद्र छपार, बलबीर बजाड़, मा. राज सिंह, नरेश धनोदा, सुशील, वेदपाल सांगवान, देवेंद्र घसोला, सचिन पिचोपा, प्रतापचंद, सचिन, नरेश्एा आदि मौजूद रहे।