सामान्य अस्पताल की इमरजेंसी में अपने साथी का इलाज करने पहुंचे तीन युवकों ने चिकित्सक के साथ हाथापाई की। चिकित्सक ने पुलिस को बुलवा लिया, लेकिन बाद युवकों में से एक का पिता चिकित्सक का जानकार निकल आया। इसके बाद कोई कानूनी कार्रवाई की बजाय युवकों को दूसरे ढंग से सबक सिखाया। तमाशबीनों से खचाखच भरी इमरजेंसी में पहले परिजनों ने युवकों की पिटाई की फिर पुलिस ने सबक सिखाया। तीनों ने चिकित्सक से माफी मांगी, जिसके बाद मामला शांत हुआ।
घटना मंगलवार शाम करीब पांच बजे की है। इमरजेंसी में तीन युवक पहुंचे। जिनमें एक के पांव पर चोट लगी थी। मरहम पट्टी के लिए चिकित्सक को कहा। उस समय एक महिला का इमरजेंसी की ओटी में इलाज चल रहा था। नशे में धुत्त एक युवक ने चिकित्सक से गाली गलौच शुरू कर दी।
चिकित्सक ने इसका विरोध किया तो बात हाथापाई तक पहुंच गई। युवक व उसके साथियों ने चिकित्सक पर हमले के लिए वहां रखे स्टूल तक उठा लिया। इसी दौरान वहां मौजूद अन्य स्टाफ सदस्य व सुरक्षा कर्मी बीच में आए और दो युवकों को दबोच लिया। एक युवक वहां से भाग निकला। सूचना देकर अस्पताल चौकी पुलिस और दिनोद गेट चौकी पुलिस को बुलाया गया। सूचना पाकर एक युवक के पिता व अन्य परिजनों को भी बुलाया गया।
पिता कहता रहा माफी मांग पर बेटा नहीं था तैयार
पुलिस ने इमरजेंसी में पहुंचकर दोनों युवकों को पकड़ा और उसके साथी को भी बुलाया गया। एक युवक के परिजनों व पुलिस ने तीनों युवकों की खासी पिटाई की। एक युवक के पिता ने उसे चिकित्सक से माफी मांगने के लिए कहा मगर युवक मानने को तैयार नहीं था। जिस पर उसकी खासी पिटाई की गई। बाद में उसने चिकित्सक व पुलिस अधिकारी के पांव पकड़कर माफी मांगी। लिखित में भी माफी लिखवाई गई।
पिता की गुजारिश पर दी गई माफी
झगड़ा करने वाले तीन युवकाें में एक के पिता को चिकित्सक जानते थे। युवक के पिता ने पुलिस व चिकित्सक से माफी के लिए काफी गुजारिश की। जिसके बाद तीनों युवकों के भविष्य को देखते हुए उनके खिलाफ कोई पुलिस कार्रवाई नहीं करने का निर्णय लिया गया।