भिवानी। 12वीं कक्षा की छात्रा से दुष्कर्म का केस दर्ज होने के 20 दिन बाद भी आरोपी एसआई के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो सकी है। पुलिस-प्रशासन की इस कार्यशैली के विरोध में जनसंगठन और जन न्याय मोर्चा के पदाधिकारी लघु सचिवालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना दे रहे हैं। संयुक्त किसान मोर्चा ने भी मंगलवार को पीड़ित परिवार को समर्थन दिया। पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए अब उनकी मां और चाची 17 मार्च से आमरण अनशन करेंगी।
आरोप है कि एसआई ने करीब छह माह पहले अपने भाई की बेटी को स्कूल से किसी सुनसान जगह पर ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। दूसरी बार भी आरोपी ने दुष्कर्म का प्रयास किया तो इसका पता चलने पर पीड़िता की सहेलियों ने अपनी अध्यापिका को बात बताई। तब अध्यापिका ने पीड़िता की माता को स्कूल में बुलाकर सूचना दी। जब पीड़िता के परिजन इसकी शिकायत लेकर आरोपी के घर गए तो आरोपी की पत्नी और दो बेटों ने पीड़िता की मां पर हमला कर उन्हें घर से भगा दिया।
इतना ही नहीं, एसआई पद का दुरुपयोग कर पीड़िता के सगे चाचा पर झूठी एफआईआर दर्ज करवा दी और धमकी दी कि अपना केस वापस ले लो, नहीं तो वह झूठे केस में गिरफ्तार करवा देगा। इससे आक्रोशित आंदोलनकारियों ने आरोपी को ड्यूटी से हटाकर उसकी गिरफ्तारी की मांग की है। उनका कहना है कि आरोपी परिजनों को सरेआम धमका रहा है। इससे पीड़िता के परिजन भयभीत हैं।
पिछड़ा वर्ग के नेता राजेंद्र तंवर ने बताया कि अगर पुलिस ने आरोपी पर कोई कार्रवाई नहीं की तो जिला प्रशासन के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले 17 मार्च से पीड़िता की मां और उनकी सगी चाची दोनों आमरण अनशन पर बैठेंगी। उस दिन तीन बजे से शहर में मोमबत्तियां जलाकर प्रदर्शन किया जाएगा।