भिवानी। स्वास्थ्य विभाग भिवानी की टीम ने रविवार को रुड़की के आवास विकास स्थित निजी अस्पताल में दबिश देकर भ्रूण लिंग जांच करते चिकित्सक और दो दलाल को काबू किया है। अस्पताल में हार्ट स्पेशलिस्ट डॉ. एनडी अरोड़ा भ्रूण लिंग जांच का धंधा कर रहा था। 35 हजार रुपये लेकर भ्रूण लिंग की जांच की जा रही थी। इसमें चिकित्सक को 10 हजार और दो दलालों को 25 हजार रुपये दिए जा रहे थे। अस्पताल से अल्ट्रासाउंड मशीन बरामद हुई, जिसका रजिस्ट्रेशन खत्म हो चुका है। इसके अलावा एक पोर्टेबल मशीन भी बरामद हुई, जिन्हें स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अपने कब्जे में लिया है। गिरफ्तार चिकित्सक सेवानिवृत्त सिविल सर्जन बताया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि भिवानी से गर्भवती महिलाओं को भ्रूण लिंग जांच के लिए उत्तराखंड के रुड़की ले जाया जाता है। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग की सिविल सर्जन डॉ. सपना गहलावत ने नोडल ऑफिसर डॉ. अनीता व डॉ. राजेश के नेतृत्व में टीम का गठन किया। टीम ने एक डिकॉय (फर्जी मरीज) तैयार किया। जिसके बाद झज्जर के दलाल से संपर्क साधा गया, जिसने 35 हजार रुपये की मांग की। रविवार को वह डिकॉय को रुड़की के आवास विकास स्थित एक अस्पताल ले गया। जैसे ही डिकॉय का अल्ट्रासाउंड हुआ, टीम ने दबिश देकर चिकित्सक को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
टीम में शामिल नोडल अधिकारी डॉ. अनीता एवं डॉ. राजेश ने बताया कि लंबे समय से शिकायत मिल रही थी कि रुड़की के एक निजी अस्पताल में भ्रूण लिंग की जांच की जाती है। जिसके बाद उन्होंने अल्ट्रासाउंड के लिए डिकॉय तैयार की। जिसके बाद उनका संपर्क झज्जर निवासी यशपाल से हुआ। उसने बताया कि वह रुड़की में भ्रूण लिंग की जांच करवा देगा। यशपाल ने उत्तराखंड के मंगलौर निवासी संजय से संपर्क किया और दोनों के बीच सौदा तय होने के बाद महिला को रुड़की आवास विकास स्थित डॉक्टर अरोड़ा के क्लीनिक लाया गया, जहां 35 हजार रुपये में भ्रूण लिंग की जांच का सौदा तय हुआ था। डिकॉय का अल्ट्रासाउंड होते ही टीम ने दबिश देकर चिकित्सक और दोनों दलालों को वहां से काबू कर लिया। चिकित्सक डॉ. एनडी अरोड़ा के पास से टीम को 10 हजार रुपये, संजय के पास से 14 हजार और यशपाल के पास से 11 हजार रुपये बरामद हुए। टीम द्वारा अल्ट्रासाउंड मशीनों को अपने कब्जे में लेने के साथ दोनों दलालों और चिकित्सक एनडी अरोड़ा को काबू किया है। टीम में डॉ. विनोद कुमार, डॉ. अरुण सहारा, डॉ. प्रिया कादियान, डॉ. पुनीत ग्रोवर, ड्रग कंट्रोलर हेमंत ग्रोवर, प्रदीप डिस्ट्रिक्ट आशा को-ऑर्डिनेटर व पुलिस कर्मचारी शामिल रहे।
पहले भी पकड़ा जा चुका है चिकित्सक
डॉ. एनडी अरोड़ा भ्रूण लिंग जांच में दूसरी बार फंसा है। इससे पहले भी एक बार इसे पकड़ा गया था और अब फिर रंगे हाथ पकड़ा गया है।
अल्ट्रासाउंड मशीन का खत्म हो चुका है रजिस्ट्रेशन
अस्पताल से मिली अल्ट्रासाउंड मशीन की जांच की गई तो पाया कि इसका रजिस्ट्रेशन खत्म हो चुका है। गैर कानूनी तरीके से इसे चलाया जा रहा है। इसके अलावा अल्ट्रासाउंड करने की एक पोर्टेबल मशीन भी बरामद हुई।
न बनी पर्ची, न अन्य कोई रिकॉर्ड
जिनका भ्रूण लिंग जांच करना होता है, उनकी कोई पर्ची (ट्रीटमेंट स्लिप) नहीं बनाई जाती। न ही अन्य कोई रिकॉर्ड दर्ज किया जाता है। अल्ट्रासाउंड करने से पहले नियमानुसार गर्भवती महिलाओं का एक एफ फार्म भरना होता है, जो कि अनिवार्य है। यह फार्म भी नहीं भरा गया। जांच में पाया गया कि अस्पताल में रिकॉर्ड भी पूरा नहीं था।
बयान ---
हमें गुप्त सूचना मिली थी कि भिवानी से ले जाकर रुड़की में गर्भवती महिलाओं की भ्रूण लिंग जांच की जाती है। जिसके बाद टीम बनाकर डिकॉय भेजा गया। जिसके बाद रुड़की के डॉ. एनडी अरोड़ा को लिंग जांच करते पकड़ा गया है। भ्रूण लिंग जांच के बदले 35 हजार रुपये लिए गए थे। मामले की जांच की जा रही है और पुलिस केस दर्ज करवाया जाएगा।
- डॉ. सपना गहलावत, सिविल सर्जन
स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा दी गई दबिश के दौरान पकड़ा गया सामान। संवाद- फोटो : Bhiwani