रविवार सुबह आए तेज अंधड़ की वजह से जिले भर के ग्रामीण क्षेत्रों में पौने चार सौ बिजली पोल टूट गए। इसी के साथ सात बिजली ट्रांसफार्मर भी एच पोल से नीचे गिर गए। इससे दर्जनों ग्रामीण इलाकों की बिजली आपूर्ति भी बाधित हो गई वहीं बिजली निगम को भी पलभर में करीब 16 लाख रुपये की चपत लग गई। निगम कर्मचारियों ने बाधित हुई बिजली आपूर्ति को बहाल करने का प्रयास शुरू कर दिया।
मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार रविवार सुबह से ही आसमान में बादल छा गए और फिर तेज अंधड़ का सिलसिला शुरू हुआ। करीब चार अंधड़ की वजह से ग्रामीण इलाकों में बिजली आपूर्ति भी ठप हो गई। बिजली पोल और दर्जनों पेड़ टूटने की वजह की सूचनाएं ग्रामीण क्षेत्रों से आई। निगम अधिकारियों की मानें तो बहल, लोहारू, तोशाम, जुई सहित ग्रामीण इलाकों में बिजली के पोल और हरे पेड़ टूट गए। शहर में भी सड़कों पर धूल भरे गुब्बार उठे। जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भी खासी परेशानी हुई।
वर्जन:::तेज अंधड़ की वजह से निगम को करीब 16 लाख से अधिक का आर्थिक नुकसान हुआ है। भिवानी सर्कल के अंतर्गत जुई, लोहारू, बवानीखेड़ा तोशाम सब डिवीजनों के अलावा चरखी दादरी सब डिवीजनों में अब तक पौने चार सौ से अधिक पोल टूट गए हैं। सात बिजली ट्रांसफार्मर भी खराब हुए हैं। प्रभावित इलाकों में आपूर्ति को बहाल किए जाने का काम किया जा रहा है।
-राजकुमार जाजौरिया, निगम महाप्रबंधक भिवानी सर्कल।
बहल क्षेत्र में शनिवार रात और रविवार सुबह आई तेज आंधी और तूफान से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। अनेक सड़क मार्गों के किनारे खड़े पेड़ सड़क पर जा गिरे जिससे रास्ता बाधित हो गया। हालांकि समाजसेवी लोगों ने जेसीबी की मदद से रविवार दोपहर तक सभी मार्गों से पेड़ हटाकर मार्ग को सही कर दिया।
शनिवार शाम तेज हवाओं के साथ मौसम ने करवट ली थी। बाद में हल्की हल्की बूंदाबांदी होती रही। लेकिन, रविवार सुबह होते ही आसमान में धूल चढ़ गई तथा तेज हवाओं ने धूलभरी आंधियों का रूप ले लिया। बहल से निकलने वाले भिवानी रोड, सुरपुरा रोड, राजगढ़ रोड के अलावा अन्य मार्गों पर सड़क के किनारों पर खड़े पेड़ जा गिरे। इससे इन सभी मार्गों पर आवागमन बाधित हो गया। सूचना मिलने पर बहल युवा एकता संगठन तथा अन्य समाजसेवी संस्थाओं के लोगों ने जेसीबी की मदद से रास्तों पर गिरे पेड़ों को हटाया तथा रास्तों को साफ कर दिया। इसके अलावा खेतों में भी आंधी से अनेक जगह पर पेड़ों के गिरने का समाचार मिला है। किसानों ने ट्रेक्टर व अन्य साधनों की मदद से खेतों में गिरे पेड़ों को हटाया। वहीं, तेज आंधी से लोग दिनभर परेशान रहे। धूल लोगों के घरों तक पहुंच गई जिससे लोग पूरा दिन सफाई में लगे रहे।