लोहारू के खेत में फसलों का निरीक्षण करते कृषि तकनीकी प्रबंधक विजय भूंगला।
लोहारू। क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के चलते फसलों पर रोग फैलने का खतरा बढ़ गया है। इस स्थिति को देखते हुए कृषि विभाग के तकनीकी प्रबंधक विजय भूंगला ने शनिवार को लोहारू क्षेत्र के खेतों का दौरा कर फसलों का निरीक्षण किया और किसानों को समय पर दवाओं का छिड़काव करने की सलाह दी।
उन्होंने बताया कि अधिक वर्षा के चलते विशेषकर ग्वार की फसल में बैक्टीरिया जनित रोग फैलने की संभावना बढ़ जाती है। यह रोग पत्तों को काला कर देता है और यदि समय रहते उपचार न किया जाए तो पूरी फसल नष्ट हो सकती है। ऐसे में किसान कॉपर ऑक्सीक्लोराइड (सीओसी) 500 ग्राम और स्ट्रैप्टोसाइक्लिन 30 ग्राम प्रति एकड़ की दर से 150 से 200 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें।
विजय भूंगला ने बताया कि ग्वार की फसल में हरा तेला लगने की आशंका भी बनी हुई है। इसकी पहचान यह है कि पत्ते किनारों से पीले पड़ने लगते हैं। रोकथाम के लिए डाइमेथोएट 30 ईसी (रोगोर) या थायो मैक्सिम 40 ग्राम प्रति एकड़ की दर से 150 से 200 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें।
उन्होंने किसानों से अपील की कि वे मौसम के मिजाज को देखते हुए सजग रहें और समय रहते फसलों की जांच और दवा का प्रयोग करें, ताकि उनकी महीनों की मेहनत खराब न हो। क्षेत्र में ग्वार के साथ-साथ कपास और बाजरे की फसलें भी अच्छी स्थिति में हैं, लेकिन लगातार बारिश इन पर भी असर डाल सकती है।