भिवानी। बिजली के भारी भरकम बिल आने की कोई टेंशन नहीं है, न ही किसी कार्रवाई का डर। बस एक कुंडी से ही काम चल जाएगा। दरअसल शहरी फीडरों पर निगम अधिकारियों की नाक तले धड़ल्ले से बिजली चोरी हो रही है।
बिजली चोर सड़क के बीच डिवाइडर पर खड़े स्ट्रीट पोल और गलियों के अंदर लगे बिजली ट्रांसफार्मरों के फ्यूज लगाने के प्वाइंट पर कुंडी डालकर बिजली चोरी कर रहे हैं। उन्हें निगम अधिकारियों का भी कोई डर नहीं है। हमारी टीम ने बिजली चोरों की इस करतूत को कैमरे में कैद किया। बिजली ट्रांसफार्मरों के फ्यूज प्वाइंट पर कुंडी लगाना किसी खतरे से खाली नहीं है, मगर बिजली चोरों को हादसों की भी कोई फिक्र नहीं है। उन्हें तो बस बिना बिल के ही अपने घरौंदों को रोशन करना है।
दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम शहरी फीडरों पर लाइन लॉस कम करने और बिजली हादसों को कम करने के लिए अधिकांश शहरी फीडरों का आधुनिकीकरण कर चुका है। इसमें पिलर बॉक्स व एबी केबल डालने का काम किया जा चुका है। फिर भी काफी ऐसे फीडर हैं, जहां पर आज भी नंगे बिजली तार लटक रहे हैं और बिजली ट्रांसफार्मर भी हादसों को खुला न्यौता दे रहे हैं। इन हादसा आशंकित बिजली ट्रांसफार्मरों के खुले तार बिजली चोरों के लिए मुफीद बने हुए हैं। शहर का बावड़ी गेट क्षेत्र बिजली चोरों की हिट लिस्ट में आ चुका है। यहां की झुग्गी झोपड़ी कुंडी कनेक्शनों से रोशन हो रही हैं। बावड़ी गेट की अग्रसेन कॉलोनी की गली नंबर तीन का बिजली ट्रांसफार्मर कुंडी कनेक्शनों से अटा पड़ा है।
कुंडी लगाकर झोपड़ियों में चल रहे एसी
शहर के सरकुलर रोड बावड़ी गेट क्षेत्र की स्लम बस्तियों में नेशनल हाईवे सड़क के बीच लगे स्ट्रीट पोल की लाइट से कुंडी डालकर तार झोपड़ियों तक ले जाए जा रहे हैं। हर दो से तीन झोपड़ियों के लिए एक तार डालकर स्ट्रीट लाइट में कुंडी लगा रखी है। इस कुंडी से झोपड़ियों में एसी और फ्रिज भी चलाए जा रहे हैं। यह हिस्सा नेशनल हाईवे अथॉरिटी के अंतर्गत आता है, इसलिए यहां पर कोई अधिकारी भी जांच के लिए नहीं आता। बिजली निगम भी इस हिस्से की तरफ आंख मूंदे बैठा है। हालांकि निगम ने स्ट्रीट लाइट के लिए संबंधित विभाग को बिजली कनेक्शन दिया हुआ है। जिसका बिल भी संबंधित विभाग से ही भुगतान कराया जा रहा है। मगर किसी दूसरे द्वारा की गई चोरी को रोकने का काम निगम अधिकारियों का ही है।
ट्रांसफार्मर के फ्यूज से छेड़छाड़ पड़ सकती है भारी
शहर के अंदर लगे बिजली ट्रांसफार्मरों पर किसी भी तरह की कुंडी डालकर बिजली चोरी करना या फिर तारों से छेड़छाड़ करना जानलेवा भी साबित हो सकता है। अगर कुंडी डालकर बिजली चोरी करते समय तार एक दूसरे फेज से टच भी कर जाए तो बड़ा धमाका हो सकता है, जिससे ट्रांसफार्मर के जलने और स्पार्किंग से घरों के अंदर जाने वाली बिजली भी फेज टू फेज हो सकती है, जिसके बाद घरेलू बिजली उपकरण एक झटके के साथ जलकर नष्ट हो सकते हैं। ट्रांसफार्मर के नजदीक जाने वाले व्यक्ति की जान भी करंट के संपर्क में आने से जा सकती है। इतना रिस्क होने के बावजूद भी लोग फ्यूज के तार में कुंडी लगाने से नहीं हिचक रहे हैं। बावड़ीगेट के समीप अग्रसेन कॉलोनी भुजिया फैक्टरी की गली में लगे ट्रांसफार्मर पर कई कुंडी कनेक्शन हैं।
ज्यादातर शहरी फीडरों पर चल रहा है 25 से 30 फीसदी लाइन लॉस
शहर के अंदर ज्यादातर फीडरों पर बिजली निगम के लाख प्रयासों के बावजूद भी लाइन लॉस 25 से 30 फीसदी तक चल रहा है। इसकी एक वजह बिजली चोरी भी है। निगम प्रबंधन शहरी दायरे के सभी फीडरों का लाइन लॉस 15 फीसदी पर लाने का प्रयास कर रहा है। इसी को लेकर पुरानी बिजली लाइनों को बदलने पर भी निगम द्वारा करीब 40 करोड़ रुपये खर्च कर चुका है। प्रत्येक ट्रांसफार्मर पर इलाके के घरों में खपत होने वाली बिजली का आकलन करने के लिए डीटी मीटर भी लगाए जा चुके हैं। इन डीटी मीटरों की मॉनीटरिंग भी हर माह जेई को करनी अनिवार्य है। (संवाद)
मामला मेरे संज्ञान में नहीं
हमारे संज्ञान में अभी तक ऐसा कोई मामला नहीं आया है। अगर ऐसी बात है तो इस पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। संबंधित विभागों को निगम ने बिजली कनेक्शन जारी किया हुआ है। कोई भी उपभोक्ता किसी दूसरे को बिजली नहीं दे सकता है। कुंडी कनेक्शन करना गैर कानूनी है। निगम बिजली चोरी अधिनियम के तहत ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई कर रहा है।
-रणबीर सिंह, महाप्रबंधक, भिवानी सर्कल, दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम।