जूई में खेल स्टेडियम मंजूर करने पर गांव व आसपास के खिलाडि़यों ने पूर्व मंत्री का आभार प्रकट किया है। साथ ही अपने आप को बेहतर बनाने के लिए दिए अवसर का लाभ उठाने की बात कही है। जूई कलां के सरपंच पवन रापडिया, जूई बिचली सरपंच प्रतिनिधि अवन लांबा, जूई खुर्द सरपंच प्रतिनिधि अनिल रापडिया, बीडीसी सुरेन्द्र मोरवाल, बीडीसी प्रतिनिधि संजय सैन ने बताया कि जूई में खेल स्टेडियम की मांग दो दशकों पुरानी है। युवाओं व बेटियों को खेलने का कोई स्थान नहीं था। अस्थायी तौर पर जूई अनाजमंडी में एक जगह को समतल कर बच्चों को अभ्यास करवाया जा रहा था। खेल स्टेडियम के निर्माण बारे में जूई अनाजमंडी में बीजेपी रैली में पधारे प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल से भी गुहार लगाई गई थी, लेकिन किसी ने भी इस बारे में सुध नहीं ली। पूर्व मंत्री किरण चौधरी को इस बारे में अवगत करवाया गया तो उन्होंने ग्रामीणों, युवाओं व बेटियों के इस दुख तकलीफ को समझा और जनसभा को सम्बोधित करते हुए 80 लाख रुपये की लागत से खेल स्टेडियम बनाने की ग्रामीणों की मांग को मंजूर किया। संवाद
जूई कलां में बनेगा खेल स्टेडियम
युवा क्लब अध्यक्ष आजाद सिंह रापडिया, सरपंच पवन रापडिया ने बताया कि जूई कलां में खेल स्टेडियम का निर्माण करवाया जाएगा। इसके लिए सभी लिखित कागजी कार्रवाई पूरी कर ली गई है। सड़क मार्ग के साथ लगते बाबा माइराम मंदिर के पास पड़ी जमीन पर खेल स्टेडियम का निर्माण करवाया जाएगा।
बेटियों को आगे बढ़ने का मिलेगा अवसर
जूई बिचली की सुनीता मेचु ने बताया कि गांव में बेटियों को तैयारी करने के लिए खेल स्टेडियम एक मील का पत्थर साबित होगा। बेटियों को सुरक्षित माहौल में अभ्यास करने का अवसर मिलेगा।
जूई बिचली की दीपा शर्मा ने बताया कि गांव में बेटियां चाहकर भी घर से बाहर अभ्यास नहीं कर पा रही थी। खेल स्टेडियम के बनने से ग्रामीण बेटियों को भी अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर प्राप्त होगा।
जुई बिचली की ज्योति शर्मा ने बताया कि वो दिल्ली पुलिस के लिए तैयारी कर रही है। गांव में कही अभ्यास के लिए कोई जगह नहीं है। खेल स्टेडियम बनने पर भविष्य बनाने के लिए उचित अवसर मिलेगा।
जूई कला की प्रीति जांघू ने बताया की सालों से बेटियां भी अभ्यास करने को उत्सुक थी। लेकिन कही जगह नही होने के कारण सपने अधूरे रह जाते थे। लेकिन अब खेल स्टेडियम बनने के बाद सपने साकार करने में मदद मिलेगी। लड़कियों को भी अभ्यास करने का अवसर मिलेगा।
जूई कलां की पूजा सैन ने बताया कि गांव के माहौल में बेटियों को अभ्यास के लिए निकलना मुश्किल भरा काम है। खेल स्टेडियम बनने के बाद एक दूसरे को देख प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और बेटियों को ओर अवसर मिलेंगे।
जूई की प्रमिला मेचु ने बताया कि ग्रामीण स्तर पर बेटियों को खेलो में आगे बढ़ने का प्लेटफॉर्म नही मिल पा रहा था। जूई में खेल स्टेडियम बनने के बाद हमें भी खेलो में दो हाथ करने का अवसर प्रदान होगा।