भिवानी। धुंध से पहले ही नई सड़कों पर सफेद पट्टी धुंधली हो गई है, ऐसे में कैसे हादसे रुक पाएंगे। सर्दी और धुंध गहराने के दौरान वाहन चालकों को सफेद पट्टी नहीं होने की वजह से दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
धुंध छाने से पहले ही हाईवे और नेशनल हाईवे अथाॅरिटी को सफेद पट्टी और दुर्घटना संभावित बिंदुओं पर संकेतक दुरुस्त करने अनिवार्य हैं। हालांकि विभागीय अधिकारी अब इस दिशा में कदम उठाने की तैयारी भी कर रहे हैं। शहरी दायरे के अंदर की सड़कों पर तो जेबरा क्रॉसिंग तक गायब हो चुकी है।
शहर को दूसरे शहरों से जोड़ने के लिए हाईवे और नेशनल हाईवे की सड़कों का जाल फैला हुआ है। हालांकि मुख्य रास्तों पर तो सफेद पट्टी दुरुस्त है, लेकिन शहरी दायरे के अंदर से गुजरने वाले हाईवे और स्टेट हाईवे पर सफेद पट्टी धुंधली हो चुकी है। शहर के अंदर करीब चार किमी से अधिक दायरे में सरकुलर रोड दिल्ली-पिलानी नेशनल हाईवे 709 ई के दायरे में आता है। इस दायरे में सड़क के दोनों तरफ सफेद पट्टी ही गायब है। वहीं हाईवे के बीच बने डिवाइडर पर अवैध होर्डिंग भी लगे हैं, जिनकी वजह से भी वाहन चालकों का रास्ता भ्रमित हो रहा है। रात के अंधेरे में तो दूर तक स्पष्ट देख पाना भी मुश्किल हो जाता है।
सड़क पर बेसहारा पशु भी बनेंगे धुंध में परेशानी : धुंध छाने में अभी थोड़ा समय है, लेकिन संबंधित हाईवे और नेशनल हाईवे को अभी से इसकी तैयारी करनी जरूरी है, ताकि धुंध छाने से पहले ही ये काम पूरा हो सके।
हाईवे और नेशनल हाईवे पर बेसहारा पशु भी डेरा डाले रहते हैं, जिनकी वजह से भी वाहन चालकों की परेशानी बढ़ रही है। धुंध के दौरान इनकी वजह से भी हादसों का अंदेशा बना रहता है। जबकि नेशनल हाईवे और स्टेट हाईवे बेसहारा पशुओं का प्रबंध कराने के लिए नगर परिषद पर ही निर्भर है, लेकिन नगर परिषद ने अभी तक शहर से बेसहारा पशु पकड़ने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया है।
बारिश के बाद सड़कों की ऊपरी परत भी उखड़ी : बारिश के बाद शहर के अंदर से होकर गुजरने वाले स्टेट हाईवे व नेशनल हाईवे भी खराब हो चुके हैं। कई जगह तो ऊपरी परत ही उखड़ चुकी है। इनमें सफेद पट्टी भी गायब हो गई बल्कि सड़कों के बीचोंबीच गहरे गड्ढे बने हैं। जिनकी वजह से भी हादसों का डर बना रहता है। संबंधित विभागों के अधिकारी मौसम साफ होने का इंतजार कर रहे हैं। पहले इन पर पैचवर्क भी कराया था, मगर ये उखड़ चुका है।