भिवानी। नवीन एवं नवीकरणीय उर्जा मंत्रालय की ओर से प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना चलाई जा रही है। योजना का एक घटक मॉडल सौर गांव है, जिसका उद्देश्य देश के प्रत्येक जिले में एक आदर्श सोलर गांव बनाना है। उपायुक्त महावीर कौशिक ने बताया कि योजना के तहत वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर पांच हजार से अधिक आबादी वाले गांवों में सबसे अधिक सोलर पैनल उपकरण लगवाने पर एक करोड़ रुपये दिए जाएंगे।
उपायुक्त कौशिक ने बताया कि जिला स्तरीय कमेटी की ओर से बड़सी, बापोड़ा ,कलिंगा, चांग, खरक कला, देवसर बलियाली, बड़वा, दिनोद, धनाना समेत 47 गांव चयनित किए हैं, जिनकी जनसंख्या 5 हजार से ज्यादा है। इन गांवों में सोलर उपकरणों को अपनाने की छह माह की प्रतिस्पर्धा 26 मई से शुरू हो चुकी है, जोकि 25 नवंबर तक चलेगी। सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले गांव को मॉडल सोलर ग्राम बनाया जाएगा। चुने हुए गांवों में सौर ऊर्जा के क्षेत्र में जनहित में कार्य किए जाएंगे।
अंत्योदय परिवारों को सोलर पैनल लगवाने पर मिल रहा अनुदान
उन्होंने बताया कि ऊर्जा विभाग द्वारा चलाई जा रही योजनाओं को अपनाकर ग्राम पंचायत सोलर मॉडल ग्राम बन सकती है। योजना अंत्योदय परिवार जिनकी सालाना आय 1.80 लाख रुपये से कम है और बिजली खपत 2400 यूनिट तक है, उन्हें दो किलोवाट तक का सोलर पैनल लगवाने पर केंद्र सरकार से 60 हजार और हरियाणा सरकार से 50 हजार रुपये का अनुदान मिलेगा। ऐसे परिवारों को कुल 1.10 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। जिन परिवारों की सालाना आय 3 लाख रुपये तक और सालाना बिजली खपत 2400 यूनिट तक है, उन्हें केंद्र से 60 हजार और राज्य से 20 हजार रुपए का अनुदान मिलेगा। तीन किलोवाट तक के सोलर पैनल पर केंद्र सरकार की ओर से 78 हजार रुपये का अनुदान मिलेगा।
प्रधानमंत्री कुसुम सोलर वाटर पंपिंग सिस्टम इस योजना के तहत सिंचाई के लिए किसानों को 75 फीसदी अनुदान पर सोलर पंप उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। नवीन एवं नवीकरणीय उर्जा मंत्रालय द्वारा समय-समय पर ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए जाते हैं। किसान सोलर पंप के लिए आवेदन करके योजना का लाभ उठा सकते हैं।