भिवानी। बापोड़ा के 220 केवी पावर सब स्टेशन पर 27 साल पहले लगाए गए 100 एमवीए के पुराने बिजली ट्रांसफार्मर को विभाग कंडम घोषित कर चुका था, इस ट्रांसफार्मर से निगम अधिकारियों को भी हादसे का अंदेशा था, इसे बदला जाता इससे पहले ही ये हादसा हो गया। मंगलवार शाम पांच बजे लगी ट्रांसफार्मर की आग बुधवार देर शाम तक भी सुलगती रही, क्योंकि ट्रांसफार्मर के अंदर हजारों लीटर तेज खोल रहा था। बुधवार को भी सिवानी और भिवानी से दमकल की गाड़ियों को मौके पर भेजा गया। बुधवार को भिवानी शहर सहित आसपास के 25 गांवों में हर आधा घंटे बाद फीडरों पर बिजली कट लोगों को दिनभर झेलने पड़े।
बापोड़ा सब स्टेशन से संचालित बाढड़ा और लोहारू के फीडरों को ईशरवाल स्थित 132 केवी सब स्टेशन से संचालित किया गया। बापोड़ा के पावर सब स्टेशन पर 1997 में 100 एमवीए का बिजली ट्रांसफार्मर लगाया गया था। निगम के नॉमर्स के अनुसार एक ट्रांसफार्मर 24 साल तक चल सकता है, लेकिन इसे लगाए पूरे 27 साल हो चुके थे, इसलिए विद्युत प्रसारण निगम अधिकारियों ने भी इसे कंडम घोषित करने की प्रक्रिया पूरी कर इस संबंध में उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया था। इस ट्रांसफार्मर से हादसे का भी अंदेशा बना था। मंगलवार शाम को अचानक ही ये ट्रांसफार्मर धधक उठा।
निगम अधिकारी ट्रांसफार्मर की आग ओवरलोड की वजह से नहीं बल्कि इसकी इस ट्रांसफार्मर की मियाद पूरी होने की वजह से मान रहे हैं, क्योंकि अब इसके सभी पैरामीटर पूरे नहीं हो रहे थे। बुधवार को भी ट्रांसफार्मर के अंदर बचा हुआ तेल खौलता रहा। इसके अंदर लगी आग बुझाने के लिए एक भिवानी और एक सिवानी से भी दमकल की गाड़ी पहुंची। वहीं निगम अधिकारियों ने इस ट्रांसफार्मर की आग शांत होने के बाद इसे यहां से हटाने और इसकी जगह दूसरा ट्रांसफार्मर लगाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी। हालांकि दूसरा ट्रांसफार्मर लगाए जाने से पहले इसके प्लेटफार्म को भी रिपेयर किया जाएगा। इसमें करीब सप्ताह भर का समय लगेगा। इसके अलावा नया ट्रांसफार्मर स्थापित करने में 15 दिन लग जाएंगे। निगम को करीब दस करोड़ का नुकसान झेलना पड़ा है।
ओवरलोड से बचने के लिए लगे शहरी फीडरों पर दिनभर बिजली कट
220 केवी बापोड़ा सब स्टेशन पर अन्य बिजली ट्रांसफार्मरों से शहरी फीडरों की आपूर्ति बहाल रखी गई। लेकिन अत्यधिक गर्मी में ट्रांसफार्मरों को ओवरलोड एवं ओवर हिटिंग से बचाने के लिए रोटेशन से फीडरों का संचालन करना पड़ा यानी एक फीडर को बंद कर दूसरा फीडर चलाया गया। इससे हर आधे घंटे बाद बिजली कट झेलना पड़ा। वहीं घरों के अंदर लगे इनवेटर बैटरी भी जवाब दे गए।
दूसरे दिन भी 100 एमवीए के ट्रांसफार्मर के अंदर आग सुलगती रही। इसके लिए दूसरे दिन भी दमकल की गाड़ियों को बुलाना पड़ा। ये ट्रांसफार्मर करीब 27 साल पहले लगाया गया था, इसकी जगह 160 एमवीए का नया ट्रांसफार्मर लगाए जाने की प्रक्रिया चल रही थी कि इससे पहले ही ये हादसा हो गया। नया ट्रांसफार्मर लगाने की प्रक्रिया में करीब 15 दिन का समय लगेगा।
-सुमित कलसन, एसडीओ, हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम।