खरक। गांव खरक कला स्थित छबीलन दे मंदिर परिसर में आयोजित तीन दिवसीय सांस्कृतिक सांग महोत्सव का समापन लोक-संस्कृति की अनूठी छटा के बीच शाही लकड़हारा भाग-2 की प्रभावी प्रस्तुति के साथ हुआ। अंतिम दिन संगी विष्णु दत्त कौशिक द्वारा प्रस्तुत यह सांग दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण बना रहा।
शाही लकड़हारा भाग-2 में एक साधारण लकड़हारे के जीवन, संघर्ष, सम्मान और संवेदनाओं को लोकनाट्य शैली में बुना गया जिसे कलाकारों ने बेहद सजीव और प्रभावशाली अंदाज में मंचित किया। गीत, संगीत और संवादों का सधा हुआ मेल दर्शकों को पूरे समय बांधे रखा।
महोत्सव को सफल बनाने में गांव के बुजुर्गों, युवाओं और पूरी कमेटी ने मिलकर अहम भूमिका निभाई। पूरे आयोजन के दौरान गांव में सांस्कृतिक उत्साह का माहौल रहा और मंचन देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग उमड़े। भीड़, संस्कृति और उत्साह के इस संगम ने तीन दिवसीय महोत्सव को यादगार बना दिया।