वहीं दोनों ही नाबालिग लड़कियों को प्रेम जाल में फांसने वाले लड़के के लड़कियों को बताए गए तीनों ही ठिकाने फर्जी मिले हैं। जबकि उसके गांव हरियावास में रहने वाली बहन पिंकी और जीजा रामप्रसाद भी भूमिगत हो गए हैं। क्योंकि बहल पुलिस उनकी तलाश में जुटी है। बहन पिंकी और जीजा रामप्रसाद से भी आरोपी इस्लाम के सही पते को उगलवाया जाएगा। हालांकि ये दोनों भी लड़कियों की तस्करी में मुख्य आरोपी के साथ शामिल बताए जा रहे हैं। फिलहाल इन दोनों पर भी अब असम पुलिस का जल्द ही शिकंजा कस जाएगा।
फिलहाल मुख्य आरोपी की तलाश असम पुलिस कर रही है। असम पुलिस की प्रारंभिक छानबीन में यह भी सामने आया है कि मानव तस्करी के मास्टर माइंड इस्लाम के अन्य राज्यों से भी तार जुड़े हैं। क्योंकि ये नाबालिग लड़कियों को बांग्ला देश की सीमांत इलाकों के गांवों से बहला फुसलाकर उनके साथ शादी कर अच्छी तरह रखने के सब्जबाग दिखाकर अपने साथ भगा लाता था। फिर यहां आने के बाद उनके साथ क्या होता शायद परिजनों को भी कभी पता नहीं चला पाता।
भिवानी की बाल कल्याण समिति और मानव तस्करी विरोधक स्टेट क्राइम ब्रांच ने बहल क्षेत्र के गांवों से शादी के लिए बेची गई दो नाबालिग लड़कियों को बरामद कर आरोपी के खेल का भंडाफोड़ कर दिया था। इसके बाद बाल कल्याण समिति ने असम की बाल कल्याण समिति से संपर्क साथ इन लड़कियों के परिजनों तक संपर्क साधा। इसके बाद असम की गोरीपुर थाने की पुलिस ने इनमें से एक लड़की को यहां बरामद किया। जबकि उसी की ममेरी बहन को अब असम के कोकराझार थाने की पुलिस लेने के लिए असम से रवाना हो चुकी है। जो मंगलवार या बुधवार तक भिवानी पहुंच जाएगी। इसके बाद दूसरी नाबालिग लड़की को भी बाल कल्याण समिति व स्टेट क्राइम ब्रांच टीम के प्रयासों से परिजनों से फिर मिला पाना संभव होगा।
कोकराझार पुलिस थाना की टीम से संपर्क हो चुका है। असम की एक नाबालिग लड़की को गोरीपुर पुलिस थाना की टीम पहले ही यहां से ले जा चुकी है। जबकि कोकराझार थाने की टीम मंगलवार या बुधवार तक यहां पहुंच जाएगी। जिसे लड़की को सौंपा जाएगा। फिलहाल लड़की बाल सेवा आश्रम में रह रही है। जिसे हरियावास के एक घर से रेस्क्यू किया गया था। इस लड़की को भी आरोपी ने शादी के लिए एक लाख दस हजार रुपये में बेचा था।
-सतेंद्र तंवर, सदस्य बाल कल्याण समिति भिवानी।