सरपंचों की बैठक को संबोधित करते सरपंच एसोसिएशन के जिला प्रधान आशीष बेनीवाल।
भिवानी। ई-टेंडरिंग के विरोध में सरपंच लगातार धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। सरपंचों ने भिवानी में मुख्यमंत्री के आगमन में विरोध करने की भी कोशिश की थी मगर पुलिस के सामने उनकी नहीं चली। इसके बाद सरपंचों ने बैठक करना शुरू कर दिया।
भिवानी सरपंच एसोसिएशन के जिला प्रधान आशीष बेनीवाल की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में सरपंचों ने निर्णय लिया कि सरपंच अब जनसंगठनों के बाद खापों और किसान संगठनों का भी साथ लेंगे। इसके लिए शनिवार को सरपंचों ने दो घंटे बैठक की। बैठक में सोमवार से आंदोलन को अधिक तेज करने का निर्णय भी लिया।
शनिवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सीबीएलयू में आयोजित विज्ञान सम्मलेन और भाजपा की प्रदेश कार्यकारिणी बैठक में शिरकत की। इस दौरान पुलिस के गुप्तचर विभाग सहित अन्य सुरक्षा एजेंसियां सरपंचों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थी। हालांकि सरपंचों ने कोई विशेष विरोध नहीं किया। भिवानी बीडीपीओ कार्यालय के सामने सरपंचों का धरना जारी रहा। इसके बाद बड़ चौक के नजदीक सरपंचों की बैठक हुई। जिला प्रधान एवं गांव कालुवास के सरपंच आशीष बेनीवाल ने बताया कि ई टेंडरिंग के खिलाफ सरपंचों का धरना जारी रहेगा। सोमवार से सभी सरपंच किसान संगठनों व खापों से सहयोग के लिए संपर्क करेंगे। जिले में सर्व जातीय जाटू खाप 84 और धामाण खाप के पदाधिकारियों से संपर्क साधा जाएगा। सरपंच आशीष बेनीवाल ने बताया कि हम भी किसानों के बेटे हैं। ऐसे में पूरा समाज मिलकर सरकार की गलत नीतियों का विरोध करेगा तो सफलता जरूर मिलेगी। इस अवसर पर सरंपच जोगेंद्र बीरण, अनिल रापड़िया जूई खुर्द, पवन रापड़िया जूई कलां, अवन लांबा जूई बिचली, सुधीर उमरावत, बजरंग धारेडू, प्रदीप मानहेरू सहित अनेक सरपंच व जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।