राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पेंटिंग दिखातीं सुलेखा।
भिवानी। संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार की ओर से आयोजित विजन 2047 विकसित भारत कला प्रदर्शनी में ढाब ढाणी गांव की मेधावी बेटी सुलेखा कटारिया की कलाकृति ने टॉप 15 महिला कलाकारों में स्थान बनाया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सुलेखा की पेंटिंग की भरपूर सराहना करते हुए खुद सुलेखा की पीठ थपथपाई।
सुलेखा ने जब पहली बार कागज पर रेखाएं खींची तो किसे पता था कि यही रेखाएं एक दिन राष्ट्रपति के दिल को छू लेंगी। इस मौके पर पिता रोहताश कटारिया का कहना है कि उनकी बेटी ने साबित किया कि गरीबी हुनर की दुश्मन नहीं होती। वहीं सुलेख ने संदेश देते हुए कहा कि देश की हर बेटी बेमिसाल है, उनके अंदर एक अलग प्रतिभा एवं हुनर छिपा हुआ है। उन्हें बस एक मौका चाहिए, उसके बाद बेटी अपनी प्रतिभा व हुनर के बल पर राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नाम चमका सकती है।