भिवानी। हांसी गेट क्षेत्र में करीब 400 करोड़ रुपये मूल्य की सरकारी शामलात भूमि पर अवैध कब्जे के मामले में नगर परिषद ने कब्जाधारियों के खिलाफ सख्ती दिखाते हुए नोटिस जारी कर दिए हैं। नोटिस में सप्ताह भर के भीतर स्थिति स्पष्ट करने और कब्जा हटाने के निर्देश दिए गए हैं अन्यथा हरियाणा म्यूनिसिपल एक्ट के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
इसी मामले को लेकर मंगलवार को अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय में जांच की सुनवाई हुई लेकिन नगर परिषद का कोई अधिकारी उपस्थित नहीं हुआ, जिसके चलते सुनवाई 10 मार्च तक के लिए टाल दी गई। जांच अधिकारी की ओर से नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी राजाराम और बिल्डिंग इंस्पेक्टर संदीप को नोटिस जारी कर जांच में शामिल होने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन नगर परिषद की ओर से कोई भी अधिकारी सुनवाई में नहीं पहुंचा। बाद में बताया गया कि नगर परिषद के अधिकारी मुख्यालय में उच्चाधिकारियों की बैठक में शामिल होने के कारण उपस्थित नहीं हो सके।
दरअसल, हांसी गेट से रामबाग की ओर जाने वाले मार्ग पर नगर परिषद की करीब 2800 वर्गगज से अधिक भूमि शामलात के दायरे में आती है। इस भूमि पर पिछले कई वर्षों से 12 कब्जाधारियों द्वारा अवैध कब्जा किया हुआ है। सितंबर 2018 में कराई गई पैमाइश में सब-रजिस्ट्रार भिवानी कार्यालय की रिपोर्ट में इस अवैध कब्जे को चिह्नित किया गया था। इसके बाद नगर परिषद की ओर से पहला नोटिस जारी किया गया, लेकिन संबंधित अधिकारियों ने आगे कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
मामले को लेकर स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन ने 15 दिसंबर 2025 को उपायुक्त को शिकायत दी थी जिसके बाद जांच अतिरिक्त उपायुक्त को सौंपी गई। वर्तमान में अतिरिक्त उपायुक्त ही इस प्रकरण की जांच कर रहे हैं। वहीं नगर परिषद ने भी अब अवैध कब्जाधारियों को हरियाणा म्यूनिसिपल एक्ट 1973 की धारा 181 के तहत नोटिस जारी कर स्थिति स्पष्ट करने और अवैध कब्जा हटाने के निर्देश दिए हैं। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि यदि सप्ताह भर में जवाब नहीं दिया गया और कब्जा नहीं हटाया गया तो नगर परिषद स्वयं कब्जा हटाने की कार्रवाई करेगी।
इस बीच, जांच में देरी और तत्काल कार्रवाई न होने को लेकर शिकायतकर्ता संगठन स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन ने जांच अधिकारी को 15 दिन का डिमांड नोटिस भी भेजा है। नोटिस में कहा गया है कि यदि सरकारी भूमि से अवैध कब्जा तुरंत नहीं हटाया गया और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं की गई तो यह न्यायालय के आदेशों की अवमानना की श्रेणी में आएगा।
शहरी स्थानीय निकाय विभाग के मुख्यालय में उच्चाधिकारियों की बैठक में गया हुआ हूं। नगर परिषद की तरफ से हांसी गेट की शामलात भूमि पर कब्जाधारियों को नोटिस जारी किया गया है। नोटिस का जवाब सप्ताह भर में दिया जाना है। इसके बाद नगर परिषद हरियाणा म्यूनिसिपल एक्ट के तहत आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू करेगा। - राजाराम, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद भिवानी