भिवानी। नाबालिग लड़की का अपहरण कर दुष्कर्म करने और जान से मारने की धमकी देने के मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) सुरुचि अटरेजा सिंह ने मुख्य दोषी और उसके साथी को 20-20 वर्ष कारावास और जुर्माना की सजा सुनाई। जुर्माना न भरने की स्थिति में अतिरिक्त कारावास की सजा भी भुगतनी होगी।
न्यायालय ने मंगलवार को नाबालिग लड़की के अपहरण, दुष्कर्म एवं आपराधिक धमकी के मामले में दोष सिद्ध पाए जाने पर दोनों दोषियों को सजा सुनाई। मामले में पीड़िता के पिता ने 13 जुलाई 2024 को थाना बवानीखेड़ा में शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत में बताया गया कि आरोपी ने उसकी नाबालिग बेटी को स्कूल से घर लौटते समय जबरन अपहरण कर एक सुनसान स्थान पर ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी।
शिकायत के आधार पर थाना बवानीखेड़ा में संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी मुकेश निवासी बलियाली और करण सिंह को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। ट्रायल के दौरान पुलिस ने प्रभावी जांच, साक्ष्य और दस्तावेज न्यायालय में प्रस्तुत किए जिनके आधार पर दोनों को दोषी ठहराया गया।
न्यायालय ने दोषी मुकेश को पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत 20 वर्ष कारावास और 20,000 रुपये जुर्माना, धारा 74 बीएनएस के तहत एक वर्ष कारावास और 1,000 रुपये जुर्माना, धारा 75(2) बीएनएस के तहत तीन वर्ष कारावास और 5,000 रुपये जुर्माना, धारा 96 बीएनएस के तहत 10 वर्ष कारावास और 5,000 रुपये जुर्माना, धारा 137(2) बीएनएस के तहत 7 वर्ष कारावास और 5,000 रुपये जुर्माना तथा धारा 351(3) बीएनएस के तहत सात वर्ष कारावास और 5,000 रुपये जुर्माना की सजा सुनाई।
दोषी करण सिंह उर्फ बिट्टू निवासी बलियाली को पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत 20 वर्ष कारावास और 20,000 रुपये जुर्माना, धारा 96 बीएनएस के तहत 10 वर्ष कारावास और 5,000 रुपये जुर्माना, धारा 137(2) बीएनएस के तहत 7 वर्ष कारावास और 5,000 रुपये जुर्माना की सजा सुनाई गई।