तोशाम। अखिल भारतीय किसान सभा ने सरकारी महकमों को बचाने, सस्ती बिजली की सुविधा और स्मार्ट मीटर के विरोध में जारी बिजली कर्मचारियों की हड़ताल का समर्थन किया है। संगठन ने किसान-मजदूरों, कर्मचारियों और छात्र संगठनों से हड़ताल में शामिल होकर कर्मचारियों का सहयोग करने की अपील की।
किसान सभा के नेताओं ने कहा कि रबी सीजन में किसानों को फसल की बुवाई के लिए खाद नहीं मिल रही है और बाजरे की सरकारी खरीद भी नहीं हो रही। वर्ष 2023 के कपास बीमा का एमएसपी से जुड़ा क्लेम किसानों को अब तक नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि किसानों को बिजली की हाईटेंशन लाइनों के लिए भी उचित मुआवजा नहीं दिया जा रहा।
किसान नेताओं ने बिजली वितरण के निजीकरण, एग्रो डिस्कॉम और स्मार्ट मीटर का विरोध करते हुए बिजली वितरण में निजी कंपनियों को लाइसेंस देने के फैसले के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय किसान सभा बिजली महकमे के कर्मचारियों की हड़ताल का पूर्ण समर्थन करती है और निजीकरण के विरोध में आंदोलन के लिए तैयार है।
इन्हीं मुद्दों को लेकर किसान सभा ने तोशाम क्षेत्र के कतवार, ढाणी कतवार, डाडम, पिंजोखरा, गारनपूरा और बिडोला समेत विभिन्न गांवों का दौरा कर प्रचार किया। संगठन ने ग्रामीणों से बिजली कर्मचारियों की हड़ताल में सहयोग और हिस्सेदारी करने की अपील की तथा सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज उठाने का आह्वान किया।