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Bhiwani News: जलभराव संभावित गांवों में सिंचाई विभाग ने 25 फीसदी बढ़ाई पंपिंग क्षमता, ड्रेनों के किनारे किए मजबूत

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नहर में डाला जा रहा पानी। 
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संजय वर्मा
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भिवानी। जलभराव संभावित गांवों के खेतों से वर्षा जल की त्वरित निकासी के लिए सिंचाई विभाग ने पंपिंग क्षमता में लगभग 25 फीसदी की वृद्धि की है। जहां पहले 60 क्यूसेक पानी निकासी की व्यवस्था थी वहां अब 80 से 85 क्यूसेक की पंपिंग की जा रही है। इससे खेतों में जमा बारिश के पानी की निकासी में गति आई है, हालांकि कुछ क्षेत्रों में सेम की समस्या अब भी बनी हुई है। ड्रेनों के किनारों को मजबूत कर अतिरिक्त पानी के दबाव से टूटने से भी बचाया जा रहा है।
गांवों की आबादी में घुसे पानी की निकासी पर ग्राम पंचायतें भी सतत निगरानी बनाए हुए हैं। दांग खुर्द और धनाना जैसे कुछ गांवों को छोड़कर अधिकतर इलाकों में जलभराव की स्थिति में सुधार आया है। वहीं किसान ड्रेनों के पानी का सिंचाई के लिए उपयोग नहीं कर रहे क्योंकि उनके खेत पहले ही पर्याप्त वर्षा से भीग चुके हैं। इससे नहरों और ड्रेनों पर निकासी का दबाव और अधिक बढ़ गया है।
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पिछले पखवाड़े से प्रेमनगर, घुसकानी, गुजरानी, मिताथल, तिगड़ाना, दांग खुर्द, कुंगड़, मुंढाल और चांग गांवों के खेतों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। इन क्षेत्रों में सिंचाई विभाग की मैकेनिकल शाखा ने स्थायी पंपिंग स्टेशनों की क्षमता में वृद्धि कर जल निकासी की गति तेज की है।
भिवानी-घग्गर ड्रेन पर जहां पहले 60 क्यूसेक पानी निकाला जाता था, अब यह क्षमता 85 क्यूसेक तक पहुंचा दी गई है। अतिरिक्त जल को निगाना फीडर में भेजा जा रहा है। गांव प्रेमनगर में निकासी क्षमता 20 से बढ़ाकर 25 क्यूसेक की गई है, जिससे अब खेतों में काफी हद तक जलभराव कम हुआ है। मुंढाल के तालू गांव में भी 20 क्यूसेक की पंपिंग से पानी ड्रेन में डाला जा रहा है। कुंगड़ गांव में 60 क्यूसेक की क्षमता से निकासी हो रही है और यह पानी सुंदर नहर तक पहुंच रहा है। संवाद

दांग खुर्द और धनाना में जलभराव की विकट स्थिति
दांग खुर्द और धनाना गांवों में जलभराव से स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है। दांग खुर्द में चार फीट तक पानी खेतों में जमा है जिसकी निकासी में समय लग सकता है। निकासी के लिए मुख्य सड़क के नीचे पाइप क्रॉसिंग करके पानी का रुख तोशाम क्षेत्र के सागवान गांव की ओर मोड़ा गया है जो सूखाग्रस्त क्षेत्र है। वहां के किसान इस पानी का लाभ उठा सकेंगे। वहीं धनाना गांव के किसान खेतों में खड़ी फसल को नष्ट होता देख रहे हैं।

सेम ग्रस्त इलाकों में बढ़ी किसानों की चिंता
गांव दांग खुर्द, धनाना और गुजरानी और घुसकानी के किसान महाबीर, दयाकिशन, जयसिंह, रामकिशन, कृष्ण और महिपाल ने बताया कि जिले के सेम ग्रस्त क्षेत्रों में सिंचाई विभाग ने करोड़ों रुपये की लागत से जल निकासी की परियोजनाएं लगभग पूरी कर ली हैं। हालांकि ट्रायल के दौरान ही ये योजनाएं विफल साबित हो रही हैं। पाइपलाइन और चैंबर ड्रेनों से जोड़ तो दिए गए हैं, परंतु ड्रेनों के भरे होने से पानी की निकासी नहीं हो पा रही। किसान चिंतित हैं कि खरीफ की फसल तो बर्बाद हो ही गई अब रबी सीजन की बुआई भी मुश्किल में पड़ सकती है। कुछ खेतों में पानी निकलने में महीनों लग जाते हैं जिससे वहां न तो बुआई संभव होती है और न ही किसान लागत निकाल पाते हैं।
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वर्सन
जिले में जलभराव क्षेत्र में पानी की निकासी के लिए सिंचाई विभाग ने पंपिंग क्षमता बढ़ा दी है। जिन गांवों के खेतों में ज्यादा जलभराव बना है वहां पर पहले से अधिक क्षमता के पंप लगाकर पानी निकासी तेजी से कराया जा रहा है। जिले भर में 142 पंप लगाकर 930 क्यूसेक पानी की निकासी का काम लगातार जारी है। सभी पंपों पर चौबीसों घंटे बिजली की व्यवस्था कराई गई है। सप्ताह भर में अधिकांश गांवों के खेतों से पानी की निकासी करा दी जाएगी। - नवीन देशवाल, कार्यकारी अभियंता
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