भिवानी। विदेश जाकर नौकरी के नाम पर करोड़ों कमाने का सपना दिखाकर युवाओं को डंकी रूट से बाहर भेजना कितना खतरनाक हो सकता है इसका चौंकाने वाला खुलासा भिवानी साइबर थाना पुलिस ने किया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि चाइना की एक कंपनी भारतीय बेरोजगार युवाओं को म्यांमार में बंधक बनाकर उनसे सोशल मीडिया के जरिए साइबर ठगी करवा रही है।
पहले पंजाब और अब बीते कुछ वर्षों से हरियाणा के युवाओं में विदेश जाकर जल्दी अमीर बनने का जुनून बढ़ा है। यही जुनून कई बार युवाओं को ऐसी परिस्थितियों में धकेल देता है, जहां जान बचाना भी मुश्किल हो जाता है। खासकर वे युवा जो फर्जी एजेंटों के माध्यम से डंकी रूट अपनाकर विदेश जाते हैं उनके लिए यह रास्ता बेहद खतरनाक साबित हो रहा है।
भिवानी साइबर क्राइम पुलिस की जांच में इसी तरह का मामला सामने आया है, जिसका खुलासा हिसार जिले के एक फर्जी एजेंट की गिरफ्तारी के बाद हुआ।
पुलिस के अनुसार हिसार जिले के गांव बगला निवासी सोनू ने भिवानी जिले के एक युवक को थाईलैंड में डाटा ऑपरेटर की नौकरी दिलाने का झांसा दिया।
युवक को बैंकॉक तक ले जाया गया लेकिन वहां से उसे थाईलैंड के बजाय म्यांमार पहुंचा दिया गया। म्यांमार में एक चाइना की कंपनी ने युवक को बंधक बनाकर इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए भारतीय नागरिकों से साइबर ठगी करने के लिए मजबूर किया।
साइबर क्राइम पुलिस थाना भिवानी के एएसआई प्रदीप ने बताया कि म्यांमार से डिपोर्ट होकर लौटे गांव रतेरा निवासी अंकुश ने 9 जनवरी को साइबर थाना भिवानी में शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी सोनू को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि आरोपी सोनू स्वयं भी म्यांमार में रहकर आया था और साइबर फ्रॉड करवाने वाली चाइना की कंपनी के संपर्क में था।
एएसआई प्रदीप ने बताया कि आरोपी के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। साथ ही पुलिस ने युवाओं और उनके परिजनों से अपील की है कि विदेश भेजने के नाम पर किसी अनजान व्यक्ति या फर्जी एजेंट के झांसे में न आएं और केवल देश की एंबेसी या अधिकृत माध्यमों से ही संपर्क करें ताकि ऐसे संगठित साइबर अपराधों का शिकार होने से बचा जा सके।