भिवानी। जिले में डायरिया की रोकथाम के लिए 31 जुलाई तक अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत स्वास्थ्य विभाग 0 से 5 वर्ष तक के 96,460 बच्चों को डायरिया मुक्त किट वितरित करेगा। किट में दो पैकेट ओआरएस व 14 जिंक की गोलियां शामिल होंगी। डायरिया मुक्त किट सभी सरकारी अस्पतालों, स्कूलों व आंगनबाड़ी केंद्र के माध्यम से वितरित की जाएंगी। इसके लिए जिले में 143 सेंटर स्थापित किए गए हैं। अभियान के तहत 800 से अधिक आशा वर्कर किट वितरित करने में सहयोग करेंगी।
बता दें कि गर्मी के मौसम में बच्चों के शरीर में पानी कम पीने की वजह से डायरिया की समस्या बन जाती है। इस कारण बच्चों में पेट में दर्द व ऐंठन महसूस होती है। बच्चों के शरीर का तापमान बढ़ना व बुखार की समस्या आ जाती है। बच्चों में तेजी से वजन घटना शुरू हो जाता है। बच्चों को इस तरह की समस्या से छुटकारा दिलवाने के लिए जिले में 16 जून से अभियान शुरू हो चुका है। इसके अलावा बच्चों व अभिभावकों को जागरूक करने के लिए भी टीम गठित की गई हैंए जो स्कूलों व ग्राम पंचायतों में जाकर लोगों को डायरिया के कारण, लक्षण व उपचार के बारे में बताएंगे।
यह है डायरिया : डायरिया एक पाचन समस्या है। इसमें रोगी पतले मल त्याग करता है। पेट में ऐंठन व दर्द शुरू हो जाता है। वजन तेजी से घट जाता है। शरीर में कमजोरी महसूस होती है। इसी के साथ मुंह सूखना, पेशाब में कमी जैसे लक्षण भी मरीजों में देखे जा सकते हैं।
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ऐसे करें बचाव
हाथों को अच्छे से धो कर रखें।
स्वच्छ पानी पीएं।
ताजे व साफ सुथरे फल व सब्जियों का सेवन करें।
बासी व जंक फूड खाने से बचें।
बच्चों को रोटावायरस संक्रमण से बचाने के लिए रोटावायरस वैक्सीन लगवाएं।
ऐसे पदार्थ खाएं, जो आंतों में अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ावा देते हैं।
जिले में डायरिया मुक्त अभियान शुरू किया गया है। अभियान 31 जुलाई तक चलाया जाएगा। इसके तहत 0 से पांच साल के बच्चों को डायरिया किट यानि दो ओआरएस के पैकेट व 14 गोली जिंक की दी जाएगी। -डॉ. रघुवीर शांडिल्य, सिविल सर्जन भिवानी