भिवानी। युवा पीढ़ी को नशीले पदार्थों के सेवन से बचाने के लिए जागरूकता अभियान चलाना बेहद जरूरी है। इसके लिए शिक्षा, पुलिस और पंचायत विभाग संयुक्त रूप से कार्ययोजना तैयार करें। यह निर्देश डीसी साहिल गुप्ता ने बुधवार को लघु सचिवालय स्थित डीआरडीए हॉल में आयोजित एनडीपीएस एक्ट की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए।
नशे से प्रभावित क्षेत्रों में सेलिब्रिटी, गणमान्य और प्रभावशाली लोगों की कमेटियां गठित की जाएं जो युवाओं को नशे के खिलाफ जागरूक करने के साथ-साथ अपने क्षेत्रों में नशीले पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने में सहयोग करें। डीसी ने कहा कि जागरूकता अभियानों का लोगों के मानसिक पटल पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। उन्होंने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि विद्यार्थियों को नशीले पदार्थों के सेवन से बचाने के लिए जागरूकता गतिविधियां बढ़ाई जाएं।
धाकड़ पोर्टल पर खिलाड़ियों के नाम अपलोड करवाने के साथ स्कूलों में कैप्टन मनोनीत किए जाएं। स्कूलों में नुक्कड़ नाटक की टीमें तैयार कर विद्यार्थियों और आमजन को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जाए। पुलिस विभाग को नशे से प्रभावित लोगों की काउंसिलिंग कराने के निर्देश देते हुए डीसी ने कहा कि नशे की लत से जूझ रहे व्यक्ति से सहानुभूतिपूर्वक बातचीत करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि नशे से प्रभावित लोगों को उपचार के लिए प्रेरित किया जाए। जिले में नशा मुक्ति के लिए जिला बाल कल्याण परिषद और सरकारी अस्पताल में दो नशा मुक्ति केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। दोनों केंद्रों पर सरकार की ओर से सभी प्रकार की सुविधाएं निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। नशे से पीड़ित कोई भी नागरिक यहां उपचार ले सकता है।
डीसी ने नशीले पदार्थों की तस्करी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केमिस्ट की दुकानों पर लगे सीसीटीवी कैमरे हर समय चालू हालत में होने चाहिए। पंचायत विभाग को निर्देश दिए कि ड्रग्स से प्रभावित गांवों में सेलिब्रिटी, गणमान्य और प्रभावशाली लोगों की कमेटियां गठित की जाएं। ये कमेटियां युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करने के साथ क्षेत्र में तस्करी की रोकथाम में भी सहयोग करें।
प्रवर पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार ने भी नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गांवों में लोगों को नशे से दूर रहने के लिए लौटा-नमक की शपथ दिलाई जाए ताकि इसका लोगों के दिलो-दिमाग पर सकारात्मक असर पड़े। शिक्षण संस्थानों में भी नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाए जाएं।
चिन्हित अपराधों में मजबूत पैरवी के निर्देश
डीसी ने चिन्हित अपराधों से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक मामले का अच्छी तरह अध्ययन कर कोर्ट में प्रभावी पैरवी की जाए, ताकि पीड़ितों को जल्द न्याय मिल सके। जिला न्यायवादी को निर्देश दिए कि चिन्हित अपराधों के मामलों में मजबूती से पैरवी सुनिश्चित करें। किसी भी मामले में साक्ष्यों के अभाव या कमजोर पैरवी के कारण स्थिति प्रभावित नहीं होनी चाहिए। विभिन्न मामलों में साक्ष्यों के संरक्षण और सुरक्षा के साथ कानूनी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए संबंधित अधिकारियों द्वारा प्रभावी पैरवी की जाए। बैठक में डीडीपीओ सोमबीर कादयान, डीएसडब्लूओ रविंद्र हुड्डा, चिकित्सा विभाग, उच्चतर शिक्षा विभाग, ड्रग निरीक्षक सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।