सुमड़ा खेड़ा के राजकीय प्राथमिक पाठशाला में विद्यार्थी का आकलन करते प्रवक्ता कमलजीत सिंह।
बवानीखेड़ा। शिक्षा विभाग ने कक्षा दूसरी और तीसरी के विद्यार्थियों के शिक्षा स्तर का असेसमेंट (आकलन) कराया। इसका उद्देश्य बच्चों की वास्तविक साक्षरता और संख्या ज्ञान की स्थिति को जानकर हर विद्यार्थी के लिए विद्यालय में सुधारात्मक योजना तैयार करना है। पहले दिन शिक्षक निर्धारित स्कूलों में पहुंचे और विभाग के निर्देशानुसार मूल्यांकन पूरा किया गया। मंगलवार को गणित विषय का आकलन होगा।
शिक्षा विभाग समय-समय पर स्कूलों में शिक्षा स्तर की जांच करता है और नई रणनीतियों के तहत 15 और 16 सितंबर को राजकीय विद्यालयों में बच्चों की संख्या ज्ञान पर आंकलन निर्धारित किया गया था। खंड स्तर पर खंड शिक्षा अधिकारी के नेतृत्व में एबीआरसी और बीआरपी की ऑनलाइन बैठकें हुईं फिर भिवानी में इन्हें प्रशिक्षण दिया गया और क्लस्टर स्तर पर शिक्षकों को भी प्रशिक्षित किया गया।
पहले दिन साक्षरता और संख्या ज्ञान का मूल्यांकन
सेंसेस बेस्ट ग्रुपिंग एक्सरसाइज के तहत पहले दिन दूसरी और तीसरी कक्षा के बच्चों का हिंदी का आकलन किया गया। इसका उद्देश्य बच्चों की आधारभूत साक्षरता और संख्या ज्ञान में स्थिति का आकलन करना और विद्यालयों को सुधारात्मक कदम योजना बनाने में मदद देना था। यह परीक्षा नहीं बल्कि डायग्नोस्टिक एक्सरसाइज (निदानात्मक मूल्यांकन) है।
शिक्षकों ने समकक्ष बैठकर किया मूल्यांकन
विद्यालय में शिक्षकों ने बच्चों को अपने समकक्ष बैठाकर मूल्यांकन किया। आकलन में हिंदी में शब्द, वाक्य और अनुच्छेद पठन, तथा गणित में संख्या पहचान और जोड़-घटाव शामिल था। इस कार्य की जिम्मेदारी अधिकारियों को दी गई थी। आयोजन सफल बनाने के लिए दो घंटे का ऑनलाइन प्रशिक्षण भी आयोजित किया गया।
सोमवार को शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार विद्यार्थियों का मूल्यांकन किया गया। प्रति विषय 5 से 10 मिनट का समय दिया गया। मूल्यांकन के बाद अध्यापकों ने आंकड़े निपुण हरियाणा टीचर एप टूल पर ऑनलाइन दर्ज किए। शिक्षकों ने निर्धारित समय पर निर्धारित विद्यालयों में पहुंचकर आकलन को पूरा किया।
संतोष भाकर, कार्यकारी खंड शिक्षा अधिकारी एवं सीआरसी-कम-प्राचार्या