फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bhiwani News: हुनरमंद बनने की चाह...11 विषयों में लगा शतक, किताबी ज्ञान के साथ कुशल बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे विद्यार्थी

Fri, 15 May 2026 12:51 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
विज्ञापन
विज्ञापन
संजय वर्मा
विज्ञापन

भिवानी। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की दसवीं कक्षा के परीक्षा परिणाम में बच्चों ने 11 विषयों में कमाल कर दिया। नृत्य से लेकर गायन, प्लंबिंग, कंस्ट्रक्शन, बैंकिंग, मीडिया एंड एंटरटेनमेंट जैसे विषयों की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों ने साबित कर दिया कि वे सिर्फ किताबी ज्ञान तक सीमित न रहकर खुद को हुनरमंद बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। विद्यार्थियों के लिए शुरू किए गए एनएसक्यूएफ विषयों में न सिर्फ सैद्धांतिक ज्ञान बल्कि व्यावहारिक ज्ञान को भी शामिल किया गया है। इन 11 विषयों के अलावा 15 विषय ऐसे भी हैं, जिनमें 99 फीसदी से अधिक विद्यार्थी पास हुए हैं।

इस बार का परिणाम 2025 की तुलना में 2.89 फीसदी कम रहा है। वर्ष 2024 के मुकाबले यह 5.62 फीसदी कम रहा, जबकि वर्ष 2023 के मुकाबले 24.17 फीसदी और 2022 की अपेक्षा 16.42 फीसदी अधिक रहा है। शत-प्रतिशत परिणाम देने वाले विषयों में पशुपालन, कृषि, संगीत एमएचआई, नृत्य, प्राइवेट सिक्योरिटी, मीडिया एंड एंटरटेनमेंट, अपैरल मेड-अप्स एंड होम फर्निशिंग, बैंकिंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज, प्लंबिंग, पावर और कंस्ट्रक्शन शामिल हैं। संवाद
विज्ञापन


99 के फेर में उलझे विषय

दसवीं कक्षा के 15 विषय ऐसे भी हैं, जिनमें 99 फीसदी से अधिक विद्यार्थी पास हुए हैं। इनमें चित्रकला, गृह विज्ञान, संस्कृत, संगीत एमएचवी, शारीरिक शिक्षा, कंप्यूटर विज्ञान, ऑटोमोटिव, आईटी-आईटीईएस, रिटेल, ब्यूटी एंड वेलनेस, फिजिकल एजुकेशन एनएसक्यूएफ, हेल्थ केयर, कृषि एनएसक्यूएफ और टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी शामिल हैं।

जूनियर भी नहीं बचा पाए हिंदी की लाज

बोर्ड की 12वीं परीक्षा में हिंदी विषय में 45 फीसदी विद्यार्थी फेल हो गए थे। अंग्रेजी विषय में यह आंकड़ा 36 फीसदी रहा था। ऐसा ही कुछ दसवीं के नतीजों में भी सामने आया है। अंग्रेजी विषय में 5,537 विद्यार्थियों की कंपार्टमेंट आई हैं, जबकि हिंदी में यह आंकड़ा छह हजार तक पहुंच गया।
विज्ञापन


बेसिक गणित के फॉर्मूलों में उलझे विद्यार्थी

दसवीं में बोर्ड ने गणित विषय में दो विकल्प दिए हैं। इनमें बेसिक और स्टैंडर्ड गणित शामिल हैं। बेसिक गणित लेने वाले विद्यार्थी आगे गणित विषय में पढ़ाई नहीं कर पाएंगे, जबकि स्टैंडर्ड गणित लेने वाले विद्यार्थी इसी विषय में आगे पढ़ाई जारी रख सकते हैं। बेसिक गणित के फॉर्मूलों में विद्यार्थी ऐसे उलझे कि 15 फीसदी बच्चे फेल हो गए।

पिछले दस वर्षों का परीक्षा परिणाम

वर्ष प्रतिशत

2026 89.60

2025 92.49

2024 95.22

2023 75.43

2022 73.18

2021 100

2020 64.59

2019 57.39

2018 51.15

2017 50.49

2016 48.88

विषयवार परिणाम (प्रतिशत में)

हिंदी — 95.93

अंग्रेजी — 95.97

गणित (स्टैंडर्ड) — 92.66

सामाजिक विज्ञान — 98.56

पशुपालन — 100

चित्रकला — 99.87

कृषि — 100

गृह विज्ञान — 99.90

पंजाबी — 98.93

उर्दू — 98.61

संस्कृत — 99.54

संगीत एमएचवी — 99.91

संगीत एमएचआई — 100

नृत्य — 100

शारीरिक शिक्षा — 99.89

कंप्यूटर विज्ञान — 99.95

ऑटोमोटिव — 99.39

प्राइवेट सिक्योरिटी — 100

आईटी-आईटीईएस — 99.80

रिटेल — 99.57

ब्यूटी एंड वेलनेस — 99.82

शारीरिक शिक्षा एनएसक्यूएफ — 99.75

हेल्थ केयर — 99.67

कृषि एनएसक्यूएफ — 99.87

मीडिया एंड एंटरटेनमेंट — 100

टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी — 99.65

विज्ञान — 99.85

अपैरल मेड-अप्स एंड होम फर्निशिंग — 100

बैंकिंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज — 100

गणित (बेसिक) — 85
प्लंबिंग — 100

पावर — 100

कंस्ट्रक्शन — 100
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें