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Bhiwani News: परिजनों की डांट के डर से भिवानी पहुंची बच्ची को सीडब्ल्यूसी ने परिवार से मिलवाया

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रेस्क्यू की गई बच्ची के साथ सीडब्ल्यूसी सदस्य
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भिवानी। परिजनों की डांट के डर से घर छोड़कर भिवानी पहुंची एक मासूम बच्ची को बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने 48 घंटे के भीतर सुरक्षित उसके परिवार से मिलवा दिया। रेलवे स्टेशन पर लावारिस और बदहवास हालत में मिली बच्ची की काउंसिलिंग कर उसे पुनर्वासित करने में सीडब्ल्यूसी टीम ने अहम भूमिका निभाई।
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सीडब्ल्यूसी सदस्य अधिवक्ता धीरज सैनी ने बताया कि 20 मई को रेलवे सुरक्षा बल को रेलवे स्टेशन पर एक मासूम बच्ची लावारिस हालत में घूमती मिली थी। पूछताछ के दौरान बच्ची काफी डरी हुई थी और अपने घर का पता या माता-पिता का नाम बताने में असमर्थ थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए आरपीएफ ने तुरंत बाल कल्याण समिति से संपर्क किया।
सीडब्ल्यूसी चेयरमैन अधिवक्ता प्रदीप सिंह तंवर के निर्देश पर बच्ची को सुरक्षित संरक्षण देने और उचित देखभाल के लिए तत्काल वन स्टॉप सेंटर भेजा गया। रेस्क्यू और काउंसिलिंग के दौरान बच्ची की मानसिक स्थिति को समझते हुए संवेदनशीलता के साथ बातचीत की गई।
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21 मई को सीडब्ल्यूसी और आरपीएफ की संयुक्त टीम ने बच्ची की दोबारा काउंसिलिंग की। इसके बाद बच्ची का डर दूर हुआ और उसने बताया कि वह मूल रूप से मध्य प्रदेश के होशंगाबाद की रहने वाली है। बच्ची ने बताया कि वह परिजनों की डांट के डर से नाराज होकर बिना बताए घर से निकल गई थी और ट्रेन में बैठकर भिवानी पहुंच गई।
तथ्य सामने आने के बाद मध्य प्रदेश में बच्ची के परिजनों और स्थानीय प्रशासन से संपर्क कर बच्ची के सुरक्षित मिलने की जानकारी दी गई। शुक्रवार को बाल कल्याण समिति कार्यालय में कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद बच्ची को उसके परिजनों तक पहुंचाने के लिए आरपीएफ के सुपुर्द कर दिया गया।
सीडब्ल्यूसी चेयरमैन अधिवक्ता प्रदीप सिंह तंवर ने आरपीएफ को निर्देश दिए कि बच्ची को पूरी सुरक्षा के साथ उसके गृह जनपद होशंगाबाद तक पहुंचाया जाए। इसके बाद आरपीएफ के हेड कांस्टेबल शंकर और महिला कांस्टेबल सोनू की देखरेख में बच्ची और उसके परिवार को सकुशल रवाना किया गया।
प्रदीप सिंह तंवर ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं और उनकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस अवसर पर सीडब्ल्यूसी सदस्य धीरज सैनी, दिनेश अत्री, सतेंद्र तंवर, नीलम रानी, आरपीएफ एएसआई प्रवीण यादव, हेड कांस्टेबल शंकर, महिला कांस्टेबल सोनू, स्पोर्टिंग पर्सन लक्ष्मी और हेमलता मौजूद रहीं।
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