भिवानी। जिला परिषद चेयरपर्सन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के लिए बुलाई गई बैठक मंगलवार दोपहर बाद साढ़े 12 बजे डीआरडीए हाॅल में होगी। बैठक में तय होगा कि कुर्सी बचेगी या जाएगी। जिला परिषद के 22 वार्ड हैं, जिनके पार्षद चेयरपर्सन पद का फैसला करेंगे।
गौरतलब है कि 15 जिला पार्षदों ने गत 23 दिसंबर को उपायुक्त को चेयरपर्सन अनिता मलिक के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव बैठक बुलाने के लिए शपथ पत्र दिया था। इसके बाद जिला प्रशासन ने सभी पार्षदों को बैठक में उपस्थित होने का नोटिस जारी कर दिया। जिला परिषद का चुनाव 27 नवंबर 2022 को हुआ था।
इसमें जिले के 22 वार्डों से चुने हुए पार्षदों में से 19 पार्षदों ने अनिता मलिक के पक्ष में मतदान कर 23 दिसंबर 2022 को चेयरपर्सन चुन लिया था। इसके बाद तोशाम में किरण चौधरी के वर्चस्व को चुनौती देने के लिए अनिता मलिक ने विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा को छोड़कर कांग्रेस का दामन थाम लिया। तभी से जिला परिषद की राजनीति में खिंचतान बढ़ गई और अधिकारियों ने भी बैठक बुलाने से किनारा कर दिया।
इस मामले में चेयरपर्सन अनिता मलिक ने अधिकारियों के बैठक में नहीं आने और बैठक नहीं बुलाने के लिए हाईकोर्ट में चुनौती दे दी। इसी बीच अब जिला परिषद के 15 पार्षदों ने उपायुक्त को अविश्वास प्रस्ताव बैठक बुलाने का अल्टीमेटम शपथ पत्र के साथ दे दिया।
समान ग्रांट वितरण नहीं करने व बैठक नहीं बुलाने का आरोप
उपायुक्त को अविश्वास प्रस्ताव के लिए बैठक बुलाने का शपथ पत्र देने वाले 15 जिला पार्षदों ने यह तर्क दिया है कि चेयरपर्सन अपने वार्ड में तो काम करा रही है, लेकिन अन्य वार्डों के साथ भेदभाव कर रही हैं। वहीं समान ग्रांट वितरण नहीं कर रही हैं न ही एक साल से बैठक बुलाई गई है। हालांकि, बैठक नहीं बुलाने के पीछे चेयरपर्सन का तर्क है कि अधिकारियों की मंशा जिला परिषद के काम में बाधा डालने की है। यही वजह है कि बैठक नहीं बुला रहे हैं। जबकि बैठक बुलाने के लिए चेयरपर्सन की तरफ से कई बार अनुरोध किया गया।
जिला प्रशासन अविश्वास बैठक में पार्षदों के दो तिहाई बहुमत को साबित करें। उपायुक्त छुट्टी न लें और बैठक में आने के लिए कोई बहानेबाजी और आनाकानी न करें। अगर बहुमत हमारे खिलाफ आता है तो हटा दें अन्यथा जिला परिषद के कार्यों को सुचारु रूप से चलाने के लिए काम करने दें।
- अनिता मलिक, चेयरपर्सन, जिला परिषद