फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bhiwani News: ठंड की चादर में सिमटता निवार, प्रतिस्पर्धा की आग में झुलसता उद्योग

विज्ञापन
शहर के औद्योगिक सेक्टर में नॉन वुवन कपड़े की मशीन।
विज्ञापन
भिवानी। कभी देशभर में निवार उत्पादन के लिए पहचान रखने वाला भिवानी अब प्रतिस्पर्धा के दौर में पिछड़ता नजर आ रहा है। ठंड के मौसम में तो औद्योगिक सेक्टर 21 और 26 में निवार यानी नॉन वुवन कपड़े का कारोबार पूरी तरह से ठंडा पड़ गया है। इसकी मुख्य वजह लगभग हर जिले में नॉन वुवन कपड़ा उत्पादन से जुड़े लघु उद्योगों की स्थापना को माना जा रहा है। भिवानी जिला उद्योग संघ के अध्यक्ष धर्मबीर नेहरा का कहना है कि भिवानी का निवार दिल्ली की मंडी सहित देशभर में खपत होता है लेकिन पहले के मुकाबले अब इसमें काफी मंदी आ चुकी है।
विज्ञापन

भिवानी के औद्योगिक सेक्टर 21 और 26 में प्लास्टिक दाने से नॉन वुवन कपड़ा और नॉन वुवन पट्टी तैयार करने वाली करीब 200 फैक्टरियां संचालित हैं। इन इकाइयों से लगभग पांच हजार लोगों का रोजगार भी जुड़ा हुआ है। समय के साथ भिवानी के निवार लघु उद्योग ने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। कोरोना संक्रमण के बाद यह कारोबार काफी हद तक सिमट गया था। हालांकि नॉन वुवन कपड़ा तैयार करने की नई मशीनों के चलते मंदी के बावजूद उत्पादन का काम किसी तरह जारी है।
औद्योगिक सेक्टरों में प्लास्टिक उत्पादों से जुड़ी कई लघु औद्योगिक इकाइयां बंद पड़ी हैं जिन पर बैंकों का भारी कर्ज भी चढ़ा हुआ है। पहले निवार का इस्तेमाल केवल चारपाई और पलंग की पट्टी बनाने तक सीमित था लेकिन अब नॉन वुवन पट्टी का प्रयोग आधुनिक बैग और बड़े सामान रखने से जुड़े कई उत्पादों में भी किया जा रहा है। इन उद्योगों के लिए कच्चा माल दिल्ली की मंडी से आता है जहां से उत्पाद तैयार कर दोबारा उसी मंडी में बेचे जाते हैं। इसके बाद यह माल देश के विभिन्न प्रांतों तक पहुंचता है।
विज्ञापन



भिवानी में निवार का कारोबार एक समय बड़े स्तर पर किया जाता था। इसी वजह से भिवानी को निवार के लघु उद्योग का हब माना जाता था लेकिन अब हर जिले में इस तरह की फैक्टरियां खुल जाने से बाजार में प्रतिस्पर्धा काफी बढ़ गई है। उत्पादन तो बढ़ा है लेकिन बिक्री लगातार घट रही है। इसके चलते कई नॉन वुवन कपड़ा उद्योग पूरी तरह से लड़खड़ाने लगे हैं। सरकार की ओर से भी नॉन वुवन कपड़ा लघु उद्योगों को बचाने के लिए कोई विशेष पैकेज नहीं मिल रहा है। - धर्मबीर नेहरा, अध्यक्ष, भिवानी जिला उद्योग संघ।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें