भिवानी। जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के चेयरमैन एवं जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. गगनदीप कौर सिंह के निर्देश पर जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) पवन कुमार ने बुधवार को जिला कारागार और पुलिस लाइन परिसर स्थित सेफ हाउस का निरीक्षण किया। उन्होंने दोनों स्थानों की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के साथ बंदियों और सेफ हाउस में रह रहे लोगों से बातचीत की तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
जिला कारागार में सीजेएम ने कैदियों और हवालातियों से उनके मामलों में आ रही कानूनी कठिनाइयों तथा अन्य समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने उन्हें जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की ओर से उपलब्ध कराई जा रही कानूनी सहायता के बारे में भी अवगत कराया। इसके बाद जेल की विभिन्न बैरकों, कानूनी सहायता क्लीनिक और जेल अस्पताल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने जेल के रसोईघर का भी दौरा किया। तैयार हो रहे भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को साफ-सफाई के उच्च मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके बाद मुलाकाती कक्ष का निरीक्षण कर बंदियों से मिलने आए परिजनों से बातचीत की और उनकी समस्याएं भी सुनीं।
इसके उपरांत सीजेएम पवन कुमार ने पुलिस लाइन परिसर स्थित सेफ हाउस का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां की साफ-सफाई, रहन-सहन, पेयजल व्यवस्था और भोजनालय का जायजा लिया। साथ ही सेफ हाउस में रह रहे युगल जोड़ों को जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की ओर से उपलब्ध कराई जाने वाली निःशुल्क कानूनी सहायता एवं अन्य सेवाओं की जानकारी दी। सीजेएम ने सेफ हाउस प्रभारी को निर्देश दिए कि वहां आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की स्वास्थ्य जांच अनिवार्य रूप से कराई जाए, पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाए तथा उनकी सुरक्षा और आवश्यक सुविधाओं में किसी प्रकार की कमी न रहे।
रसोई से लेकर कानूनी सहायता तक परखी व्यवस्थाएं
निरीक्षण के दौरान सीजेएम पवन कुमार ने जेल के रसोईघर में भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता की जांच की तथा साफ-सफाई के उच्च मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बैरकों, जेल अस्पताल, कानूनी सहायता क्लीनिक और मुलाकाती कक्ष का भी निरीक्षण किया। सेफ हाउस में स्वास्थ्य जांच, पौष्टिक भोजन, पेयजल, सुरक्षा और रहन-सहन की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि वहां रह रहे प्रत्येक व्यक्ति को समय पर आवश्यक सुविधाएं और कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाए। निरीक्षण के दौरान जिला कारागार एवं सेफ हाउस का स्टाफ तथा संबंधित अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे।