शहर के हांसी गेट स्थित दुकान पर मिठाई की खरीददारी करते लोग।
भिवानी। अक्तूबर माह के पहले सप्ताह से ही त्योहारी सीजन शुरू हो गया है। इसी माह करवा चौथ और दीपावली पर्व आने वाले हैं। ऐसे में बाजारों में मिठाइयों की बिक्री तेजी से बढ़ रही है। लेकिन दुकानों पर बिक रही मिठास लोगों की सेहत में खटास भी डाल सकती है। बाजार में त्योहारी सीजन पर बिक रही मिठाइयों में गुणवत्ता की बड़ी लापरवाही देखी जाती है।
खाद्य सुरक्षा विभाग समय-समय पर मिठाइयों की गुणवत्ता जांच अभियान चलाता है। इसके बावजूद भी हर साल त्योहारी सीजन में बिकने वाली मिठाइयों के सेवन के बाद अस्पतालों में मरीजों की भीड़ बढ़ जाती है। पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज के फिजिशियन डॉ. यतिन गुप्ता ने बताया कि त्योहारी सीजन में घरों में मीठे पकवान बनेंगे और बाजार से खरीदी गई मिठाइयों का सेवन भी बढ़ेगा। ऐसे माहौल में शुगर और बीपी के मरीजों को विशेष सावधानी बरतनी होगी। वसा और शुगर युक्त मिठाई एवं पकवान इन मरीजों की सेहत को प्रभावित कर सकते हैं।
डॉ. गुप्ता ने कहा कि मीठे और तेलीय खाद्य पदार्थ सीमित मात्रा में ही खाएं और सुनिश्चित करें कि जो भी खाद्य सामग्री खाई जा रही है उसमें शुद्धता हो। मिलावटी मिठाई खाने से पेट में संक्रमण, उल्टी और दस्त जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए त्योहारी समय में केवल अच्छी गुणवत्ता की मिठाई और खाद्य सामग्री का ही सेवन करें।
मिठाई के विकल्प के रूप में लोग अपना रहे हैं ड्राई फ्रूट
मिठाइयों के संभावित बुरे प्रभाव से बचने के लिए लोग ड्राई फ्रूट को विकल्प के रूप में चुन रहे हैं। दुकानदार चिराग अरोड़ा ने बताया कि बाजार में ड्राई फ्रूट की कई वैरायटी उपलब्ध हैं। बादाम की चार-पांच क्वालिटी बिक रही है जिसकी कीमत 750 से 1000 रुपये तक है। काजू 800 से 1100 रुपये तक बिक रहा है। उन्होंने कहा कि त्योहारी सीजन में लोग डिस्काउंट व्यवस्था को पसंद करते हैं इसलिए ऑनलाइन शॉपिंग की ओर भी रुझान बढ़ा है। हालांकि दुकानों से भी लोग जमकर खरीदारी कर रहे हैं। शहर के किरयाणा स्टोर और मॉल में कई तरह के ऑफर भी पेश किए जा रहे हैं। ऑनलाइन शॉपिंग करते समय गुणवत्ता और विश्वसनीयता पर ध्यान देना जरूरी है।
खाद्य सुरक्षा विभाग इस सप्ताह फिर शुरू करेगा जांच अभियान
खाद्य सुरक्षा अधिकारी पुनीत शर्मा ने बताया कि त्योहारी सीजन में ग्रामीण क्षेत्रों में मिठाइयां बनाने का कारोबार तेजी पकड़ रहा है जिससे मिलावट की संभावना रहती है। समय-समय पर जांच अभियान चलाकर निगरानी की जाती है। उन्होंने कहा कि सितंबर माह में भी जांच अभियान चलाया गया था। अक्तूबर के पहले सप्ताह में एक-दो दिन बाद फिर से जांच अभियान आयोजित किया जाएगा ताकि आम लोग मिलावटी मिठाइयां खाने से सुरक्षित रहे। अधिकारियों ने आम लोगों से अपील की है कि मिलावटी मिठाइयों से संबंधित शिकायतें हेल्पलाइन नंबर 1800-11-2100 पर दर्ज कराएं।