बवानीखेड़ा। इस साल दिवाली की तारीख को लेकर लोगों में भ्रम की स्थिति बनी हुई थी। कुछ पंचांगों में 20 अक्तूबर और कुछ में 21 अक्तूबर को दीपावली लिखी गई थी। लेकिन विद्वानों और ज्योतिषाचार्यों ने विभिन्न पंचांगों की गणनाओं का अध्ययन करने के बाद निर्णय लिया है कि देशभर में दिवाली 20 अक्तूबर (सोमवार) को ही मनाई जाएगी।
धर्माचार्यों के अनुसार 20 अक्तूबर को अमावस्या प्रदोष काल तक पूरी तरह व्याप्त रहेगी, जो लक्ष्मी पूजन के लिए अनिवार्य मानी जाती है।
लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त
20 अक्तूबर की शाम 7:22 से रात 9:15 बजे और रात 01:52 से सुबह 4:05 बजे तक भक्त मां लक्ष्मी, भगवान गणेश और कुबेर की पूजा-अर्चना कर सकेंगे।
क्यों नहीं मनाई जाएगी दिवाली 21 अक्तूबर को:
विद्वानों ने बताया कि 21 अक्तूबर को अमावस्या तीन प्रहर तक है लेकिन उस दिन वृद्धि गामिनी प्रतिपदा साढ़े तीन प्रहर तक रहती है। इसका अर्थ है कि नए अत्र का पारण (भोजन) शास्त्रानुसार नहीं हो पाएगा। इसलिए 21 अक्तूबर को दिवाली पूरी तरह से सही ढंग से नहीं मनाई जा सकेगी।