चौधरी बंसी लाल विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभागियों को सम्मानित करते डॉ. सुरेश म
भिवानी। चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय और उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, प्रयागराज के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय विरासत कला उत्सव के दूसरे दिन मंगलवार को सूफी गायन की मनमोहक प्रस्तुति हुई। चंडीगढ़ से आए प्रसिद्ध सूफी गायक शमिंदर शम्मी ने अपनी आवाज से समा बांध दिया और दर्शकों को सूफियाना रंग में सराबोर कर दिया।
शमिंदर शम्मी ने ‘मेरा देश मेरे दिलदारा दा’, ‘रेशमी सलवार कुर्ता जाली का’, ‘मामला गड़बड़ है’ और ‘मैं हरियाणा का जवान’ सहित कई प्रसिद्ध गीत प्रस्तुत किए। उनकी प्रस्तुति पर पूरा सभागार झूम उठा और विद्यार्थियों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका अभिनंदन किया। कार्यक्रम में संगीत के माध्यम से लोक संस्कृति और सूफियाना परंपरा की झलक देखने को मिली।
अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. सुरेश मलिक ने अतिथियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि सूफी संगीत साझा संस्कृति और भाईचारे का प्रतीक है। ऐसे आयोजन युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों और भारतीय लोक कला परंपरा से जोड़ने में अहम भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम में हरियाणा कला परिषद के कोऑर्डिनेटर रविंद्र श्योराण, एनसीजेडसीसी के कोऑर्डिनेटर मंथन, डॉ. स्नेहलता, डॉ. मुकेश, डॉ. नवीन, डॉ. मूलराज, डॉ. जितेंद्र, वीएम बेचैन और रविंद्र शर्मा मौजूद रहे। उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, प्रयागराज संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत कार्यरत है।