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Bhiwani News: एनेस्थीसिया के डॉक्टर ने मेडिसन तो बाल रोग चिकित्सक ने जांची हड्डी रोग विशेषज्ञ की ओपीडी

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जिला नागरिक अस्पताल की ओपीडी और आपात विभाग के बाहर पसरा सन्नाटा।
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भिवानी। सरकारी चिकित्सकों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं लड़खड़ा गई। हालांकि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने हड़ताल पर गए चिकित्सकों के विकल्प को तो ढूंढा मगर ये चिकित्सक विशेषज्ञ के तौर पर मरीजों को न तो ठीक से उपचार दे पाए न ही उचित परामर्श के साथ दवाएं। शुक्रवार को हड़ताल के दौरान जिला नागरिक अस्पताल की ओपीडी में कई चिकित्सक हड़ताल पर रहे। जिनकी जगह दूसरे डॉक्टरों को बैठाया गया। इस दौरान एनेस्थीसिया के डॉक्टर ने मेडिसन तो बाल रोग चिकित्सक ने जांची हड्डी रोग विशेषज्ञ की ओपीडी जांची।
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शुक्रवार को भिवानी जिले में 113 डॉक्टरों में से 88 डॉक्टर हड़ताल पर रहे। इन डॉक्टरों के विकल्प के तौर पर बीएमएस स्टूडेंट और स्वास्थ्य विभाग में एनएचएम के तहत लगे चिकित्सकों को तैनात किया गया। जहां सामान्य तौर पर जिला नागरिक अस्पताल में औसतन 1300 मरीज जांचे जाते हैं। वहां शुक्रवार को सिर्फ 804 मरीजों की ही जांच की गई। कई जगह वैकल्पिक व्यवस्थाएं करवाई गई। मगर जिन मरीजों का विशेषज्ञ चिकित्सकों से पुराना इलाज चल रहा है, वे निराश ही वापस लौट गए। वहीं आरटीपीसीआर जांच हेल्पडेस्क से भी कर्मचारी गायब दिखे।
चिकित्सकों की हड़ताल के दौरान जिला नागरिक अस्पताल की ओपीडी में मेडिसन विभाग में एनेस्थीसिया के डॉक्टर वैद ने मरीजों का चेकअप किया। मेडिसन विभाग की ओपीडी में शुक्रवार को करीब 60 से 65 मरीज ही पहुंचे, जबकि सामान्य तौर पर साढ़े तीन सौ से अधिक मरीजों की यहां जांच होती है। इसी तरह बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. राजकुमार को हड्डी रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में बैठाया गया। यहां पर भी करीब 55 से 60 मरीजों की ही जांच की गई। जबकि सामान्य ओपीडी में यहां करीब 700 मरीज आते हैं। वहीं नेत्र रोग और डेंटल की ओपीडी में हड़ताल का कोई असर नहीं दिखा। यहां नियमित रूप से रोगियों की जांच हुई। ओपीडी में कुछ ऐसे मरीज भी पहुंचे, जिनकी हालत ज्यादा खराब हुई तो उन्हें इमरजेंसी में ले जाया गया।
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वार्ड, ओपीडी, ओटी से लेकर इमरजेंसी और पोस्टमार्टम भी हुए प्रभावित
राजकीय चिकित्सकों की हड़ताल के कारण वार्डों में मरीजों का चेकअप से लेकर ओपीडी में जांच और ऑपरेशन थियेटर में मरीजों के ऑपरेशन प्रभावित हुए। कोई भी सर्जरी ऑपरेशन नहीं हुआ। इसी तरह एनेस्थीसिया के डॉक्टर वैद को ओपीडी में मरीजों की जांच के साथ-साथ इस दौरान अस्पताल में आने वाले शवों का पोस्टमार्टम करने की जिम्मेदारी दी गई थी।


आपातकालीन विभाग में मेडिकल ऑफिसर ने संभाला मोर्चा
नागरिक अस्पताल के आपातकालीन विभाग में भी डॉक्टरों की हड़ताल का असर देखा गया। चिकित्सकों के हड़ताल पर जाने के कारण एनआरएचएम के मेडिकल ऑफिसर बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अभिषेक ने नीकू वार्ड की अपनी ड्यूटी छोड़कर आपातकालीन विभाग में जिम्मा संभाला। आपातकालीन विभाग में आने वाले मरीजों को तत्काल उपचार दिलाया गया। वहीं लड़ाई झगड़ा और अन्य विवादों में घायलों को उपचार के साथ उनकी एमएलआर भी काटी गई।
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चिकित्सा अधिकारियों ने जाना मरीजों का हाल
हड़ताल के दौरान स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने भी ओपीडी और आपातकालीन सेवाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने मरीजों का हाल जाना। जिन मरीजों को ज्यादा तकलीफ थी उन्हें तत्काल प्रभाव से संभालने के लिए वहां तैनात स्टाफ को भी अलर्ट किया। इसी के साथ हड़ताल वाले चिकित्सकों की जगह दूसरे चिकित्सकों को तैनात किया गया। हालांकि इस दौरान मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी खली, मगर एक बार तो उन्हें तत्काल रिलीफ के लिए डॉक्टरों ने उपचार और दवा मुहैया कराई।
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हड़ताली चिकित्सकों की जगह दूसरे चिकित्सकों की वैकल्पिक व्यवस्था कराई गई है। जिलेभर में शुक्रवार को 2339 मरीजों की जांच की गई है। जबकि राजकीय किशन लाल जालान नेत्र अस्पताल में 24 नेत्र ऑपरेशन भी कराए गए हैं। जो चिकित्सक हड़ताल पर रहे हैं, उनकी रिपोर्ट भी मुख्यालय को भेजी गई है। जिला नागरिक अस्पताल सहित सीएचसी और पीएचसी के अलावा हेल्थ वेलनेस सेंटरों पर आने वाले मरीजों को उपचार दिया गया है।
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- डॉ. रघुवीर शांडिल्य सिविल सर्जन भिवानी।
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जिलेभर में जांची गई ओपीडी का ब्योरा
स्वास्थ्य केंद्र- जांचे गए मरीज

नागरिक अस्पताल भिवानी- 804
जालान नेत्र अस्पताल- 185
सब डिविजनल अस्पताल लोहारू- 50
पीएचसी नकीपुर- 25

पीएचसी सोहासड़ा- 37
पीएचसी ढिगावा- 27

पीएचसी बहल- 35
पीएचसी ओबरा- 16

सीएचसी मानहेरू- 47
पीएचसी बामला- 59

पीएचसी खरककलां- 45
पीएचसी नंद गांव- 14

सीएचसी धनाना- 118
पीएचसी तालू- 35

पीएचसी चांग- 47
पीएचसी सूई- 42

एसडीसीएच तोशाम- 130
पीएचसी संडवा- 35

पीएचसी बीरन- 22
पीएचसी बुसान- 25

सीएचसी जमालपुर- 23
पीएचसी पुर- 17

पीएचसी अलखपुरा- 29
सब डिविजनल अस्पताल बवानीखेड़ा-80

सीएचसी मिरान- 31
पीएचसी बडवा- 19

पीएचसी गुरेरा- 27
पीएचसी लीलस- 25

पीएचसी झुप्पाकलां- 15
सब डिविजनल अस्पताल सिवानी- 37

सीएचसी कैरू- 58
पीएचसी दिनोद- 51

पीएचसी जूई- 25
पीएचसी ढाणीमाहू- 49

सब डिविजनल अस्पताल देवराला- 42
डिस्पेंसरी एचएसवीपी- 13
कुल: 2339


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