ढिगावामंडी। पहाड़ी माता मंदिर से लाखों रुपये के आभूषण चोरी होने का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया। मंदिर के पूर्व सुपरवाइजर आशीष पर चोरी का आरोप लगा है। तोशाम पुलिस को बिल दिखाकर वह पहले बच गया था लेकिन उपायुक्त की सख्ती और वायरल वीडियो के बाद मामला फिर से जांच के दायरे में आ गया।
जानकारी के अनुसार आशीष मंदिर से आभूषण चोरी कर बैग में भरकर तोशाम क्षेत्र के एक गांव में अपने रिश्तेदार के यहां रख आया था। कुछ दिन बाद बैग गायब होने पर उसने स्वयं पुलिस को शिकायत दी। तोशाम पुलिस की पूछताछ के दौरान उसने कुछ बिल दिखाए जिसके बाद मामला वहीं शांत हो गया। हालांकि चोरी का सीसीटीवी वीडियो वायरल होने के बाद घटनाक्रम बदल गया। सामाजिक कार्यकर्ता नरेश कुमार पहाड़ी ने उपायुक्त को शिकायत देकर निष्पक्ष जांच की मांग की।
शुक्रवार को अतिरिक्त उपायुक्त ने सभी पक्षों को तलब किया। आशीष बिलों के संबंध में संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। शक गहराने पर अतिरिक्त उपायुक्त ने उसे 30 जून को मूल बिल और पूरी सीसीटीवी फुटेज के साथ पेश होने के आदेश दिए। लोहारू थाना प्रभारी मुरारी लाल ने बताया कि शुक्रवार देर रात आशीष के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। शनिवार को न्यायालय में पेश करने के बाद उसे तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया। पूछताछ के दौरान आरोपी से करीब 25 से 30 लाख रुपये के आभूषण बरामद हुए हैं।
चढ़ावे के गहनों से बढ़ा शक
बरामद आभूषणों को देखकर पुलिस भी हैरान है। अधिकांश गहने ऐसे हैं जो सामान्यतः मंदिरों में चढ़ावे के रूप में ही चढ़ाए जाते हैं। बड़े-बड़े हार, मुकुट और छत्र जैसे आभूषण आम घरों में इस्तेमाल नहीं होते। इससे यह आशंका और मजबूत हुई है कि बरामद आभूषण मंदिर की संपत्ति हैं।
ये हैं अनसुलझे सवाल:
चोरी कब से चल रही थी? मंदिर कमेटी को इसकी भनक तक क्यों नहीं लगी? आरोपी अकेला था या किसी गिरोह के साथ वारदात को अंजाम देता था? जिस रिश्तेदार के यहां बैग रखा गया उसकी क्या भूमिका थी? ऐसे कई सवाल हैं जिनके जवाब अब पुलिस रिमांड के दौरान तलाशेगी।