नाबालिग की शादी रुकवाने पहुंची प्रशासनिक टीम कार्रवाई करते हुए। संवाद
- फोटो : Bhiwani
भिवानी। बारात गांव की धर्मशाला में पहुंच चुकी थी और लड़की को भी मंडप में बैठाने की तैयारी चल रही थी। लेकिन ऐन वक्त पर महिला एवं बाल संरक्षण अधिकारी सदर पुलिस को लेकर अचानक पहुंच गई। शादी समारोह में पुलिस पहुंचा देख ग्रामीण भी भौचक रह गए और थोड़ी देर बाद ही माहौल भी बदल गया। महिला एवं बाल संरक्षण अधिकारी ने लड़की के दस्तावेज जांचे तो उसकी उम्र महज 17 साल मिली। जिसके बाद तुरंत लड़की की शादी को रुकवा दिया और दूल्हे को बिना दुल्हन के ही वापस लौटना पड़ा। वहीं महिला एवं बाल संरक्षण अधिकारी पर भी ग्रामीण महिलाओं ने हमले का प्रयास किया, मगर पुलिस के रहते महिला अधिकारी ने समझदारी से स्थिति संभाल ली।
क्षेत्र के एक गांव में रविवार को महिला एवं बाल संरक्षण अधिकारी हरबंस कौर ने मौके पर पहुंचकर एक नाबालिग लड़की की शादी रुकवा दी। मौके पर सदर पुलिस थाना एसएचओ वीरेंद्र सिंह भी मौजूद थे। कौर ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि गांव धनाना में एक नाबालिग लड़की की शादी की जा रही है। इस सूचना पर पुलिस टीम के साथ गांव में चल रहे शादी समारोह स्थल पर पहुंचकर जांच की। इस दौरान शादी के टेंट में काफी लोगों की भी भीड़ जमा हो चुकी थी। टीम ने परिजनों से लड़की के शैक्षणिक दस्तावेज मंगवाए। जिनकी जांच के बाद उसकी उम्र महज 17 साल पाई गई। जब हरबंस कौर ने नाबालिग की शादी न किए जाने की बात कही तो यह सुनकर परिवार की महिलाएं आक्रामक हो गई और महिला अधिकारी पर ही हमले के लिए लपक पड़ी। इस दौरान वहां मौजूद पुलिस ने महिलाओं को रोका और परिवार के लोगों ने राजनीतिक दबाव डलवाने का भी प्रयास किया। लेकिन महिला एवं बाल संरक्षण अधिकारी ने स्थिति को भांपते हुए समझदारी से काम लिया और गांव की पंचायत व परिजनों से भी नाबालिग की शादी नहीं किए जाने संबंधी लिखित में बयान दर्ज किए। परिजनों ने भी बाल संरक्षण अधिकारी को लिखित में लड़की की शादी नहीं किए जाने का भरोसा दिलाया, जिसके बाद टीम वापस लौट गई। शादी समारोह के रंग में भंग पड़ गया और झज्जर जिला से बारात गांव में पहुंचने के बाद भी दूल्हा बिना दुल्हन के ही वापस लौट गया।
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हमें सूचना मिली थी, जिसके बाद गांव में पहुंचकर दस्तावेजों की जांच में लड़की नाबालिग मिली। उसकी उम्र महज 17 साल है। नाबालिग की शादी रुकवाने के कारण महिलाओं ने हमले का प्रयास किया। परिजनों से लिखित में लड़की की शादी बालिग होने तक न कराने का लिखित बयान लिया है। फिलहाल शादी रुकवा दी है। अगर फिर भी नाबालिग की शादी का प्रयास किया तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- हरबंस कौर महिला एवं बाल संरक्षण अधिकारी भिवानी।