हनुमान जोहड़ी मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में शिक्षिका को सम्मानित करते विधायक घनश्याम सर्राफ
भिवानी। शिक्षक केवल ज्ञान देने वाले नहीं बल्कि समाज के चरित्र निर्माता भी होते हैं। यह संदेश रविवार को हनुमान ढाणी स्थित हनुमान जोहड़ी धाम मंदिर में आयोजित विश्व शिक्षक दिवस समारोह में हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन डॉ. पवन शर्मा ने दिया। इस अवसर पर शिक्षा और समाजसेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले देश के 11 राज्यों के 61 शिक्षकों को स्मृति चिह्न और प्रशस्तिपत्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन डॉ. पवन शर्मा थे जबकि अध्यक्षता विधायक घनश्याम सर्राफ ने की। समारोह में बालयोगी महंत चरणदास महाराज का सान्निध्य भी रहा। बालयोगी महंत चरणदास महाराज ने कहा कि शिक्षक राष्ट्र के सच्चे निर्माता हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक चेतना और नैतिक संस्कारों को बढ़ावा देना है ताकि देश की नई पीढ़ी नशा मुक्त और संस्कारित बन सके।
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन डॉ. पवन कुमार और विधायक घनश्याम सर्राफ ने कहा कि शिक्षक केवल ज्ञानदाता नहीं बल्कि समाज के चरित्र निर्माता भी होते हैं। शिक्षक अपने संस्कारों से राष्ट्र की आत्मा को गढ़ते हैं। जिस देश के शिक्षक संस्कारित, समर्पित और जागरूक होते हैं, वह देश हमेशा प्रगति के पथ पर अग्रसर रहता है। आज के समय में जब समाज अनेक चुनौतियों से गुजर रहा है ऐसे में शिक्षक की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। वे केवल पढ़ाने का काम नहीं करते बल्कि बच्चों के भविष्य, समाज के चरित्र और देश के भाग्य को आकार देते हैं। शिक्षा ही वह शक्ति है जो व्यक्ति को अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाती है। कार्यक्रम में डॉ. अनिता देवी, डॉ. सारिका कुमारी, किरण बाला, डॉ. अनिल कुमार, कुलदीप सिंह सहित अन्य शिक्षकों को सम्मानित किया गया।