भिवानी। बिना मान्यता के चल रही शिक्षा अकादमियों ने भी अब अधिकारियों की कार्रवाई से बचने का नया पैंतरा अपना लिया है। अधिकारियों की कमेटी की छापा मारने से पहले ही अवैध अकादमियों ने बचाव का रास्ता निकाल लिया है। इसमें सुबह बच्चों को अकादमी में लाने के बाद उन्हें गाड़ी में बैठाकर सेटिंग वाले स्कूलों में ले जाकर कक्षाएं लगाई जा रही हैं।
हालांकि इन बच्चों का उन संबंधित विद्यालयों में ही दाखिला भी दर्शाया हुआ है। ऐसे में जब तक मामला ठंडा नहीं पड़ जाता तब तक अकादमियां इसी तरह अपनी शैक्षणिक गतिविधियां चलाएंगी। दरअसल, वीरवार को महावीर जयंती की छुट्टी के दौरान की गई कार्रवाई में खंड शिक्षा अधिकारी की कमेटी को शहर में दो शिक्षा अकादमियों में स्कूली समय में ही बच्चों की कक्षाएं लगी मिली थीं।
उस समय शिक्षा अधिकारी ने केवल बच्चों की छुट्टी कराकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया, जबकि बिना मान्यता के चल रही शिक्षा अकादमी में यह जानना तक जरूरी नहीं समझा कि यहां पढ़ाई कर रहे बच्चे आखिर किस विद्यालय से आ रहे हैं। ऐसे में शिक्षा अधिकारियों की बिना मान्यता वाली अकादमियों पर कार्रवाई महज दिखावा ही साबित हो रही है।
वहीं शिक्षा अकादमियां चलाने वाले भी अब बच्चों को केवल ट्रैवलिंग के सहारे ही शिक्षा देने में जुटे हैं, बच्चे भी सुबह तैयार होकर अकादमी में आते हैं फिर गाड़ी में बैठकर स्कूल तक का सफर तय करते हैं। दोपहर बाद स्कूल की छुट्टी के बाद बच्चों को वापस शिक्षा अकादमी में लाकर फिर शाम तक पढ़ाया जा रहा है। हालांकि इस भागदौड़ और आवाजाही में अकादमी के बच्चे भी थकान महसूस कर रहे हैं। लेकिन शॉप स्कूल के नाम से चली रही शिक्षा अकादमियां अपने दाखिला अब भी धड़ल्ले से करने में जुटी हैं।
शिक्षा अकादमियों पर छापा मारने के लिए कमेटी का गठन हो चुका है। विभागीय अधिकारियों के निर्देश पर संबंधित अकादमियों पर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इनकी सूची भी तैयार की जा चुकी है। स्कूली समय में इनके अंदर बच्चों की कक्षाएं नहीं लगाई जा सकती हैं। बिना मान्यता के चल रहे स्कूलों पर भी विभाग सख्ती से कार्रवाई करेगा।
-शिवकुमार तंवर, खंड शिक्षा अधिकारी, भिवानी।