स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर करवाए गए सर्वे में पहले क्वार्टर में पिछड़ने के बाद भिवानी और बवानीखेड़ा में सुधार हुआ। मगर लोहारू और सिवानी काफी ज्यादा पिछड़ गए हैं। अब फाइनल स्वच्छता सर्वे होना है। जिसके लिए इस माह में कभी भी स्वच्छता सर्वे टीम निरीक्षण के लिए आ सकती है। फाइनल सर्वे में लोगों का फीडबैक भी अहम रहेगा।
केंद्र सरकार की ओर से प्रति वर्ष देश के चुनिंदा शहरों में स्वच्छता सर्वे करवाया जाता है। पहले यह साल में एक बार होता था। मगर इस बार से ट्वंटी-ट्वंटी लीग आधार पर किया जा रहा है। जिसके तहत पहले प्रथम क्वार्टर अप्रैल से जून और फिर दूसरे क्वार्टर जुलाई से सितंबर तक करवाया गया। अब तीसरा क्वार्टर होगा।
प्रथम क्वार्टर में भिवानी 786.46 अंकों के साथ स्वच्छ शहरों की सूची में 226 में स्थान पर रहा। द्वितीय क्वार्टर में सुधार हुआ और भिवानी 1037 अंकों के साथ 174वें स्थान पर आ गया। इसी तरह बवानीखेड़ा शहर की स्वच्छता में भी सुधार हुआ। प्रथम क्वार्टर में बवानीखेड़ा 646 अंकों के साथ 368 वें स्थान पर था। दूसरे क्वार्टर में 951.5 अंकों के साथ वह 220वें स्थान पर पहुंच गया।
चिंता का विषय लोहारू और सिवानी की गंदगी रही। लोहारू प्रथम क्वार्टर में 743 अंकों के साथ 277वें स्थान पर जो दूसरे क्वार्टर में 813 प्वाइंट हासिल करने के बावजूद 417वें स्थान पर पहुंच गया। इसी तरह सिवानी पहले क्वार्टर में 663 अंकों के साथ 389वें स्थान पर जो दूसरे क्वार्टर में 420वें स्थान पर फिसल गया है।
इस बार क्वार्टरी स्वच्छता सर्वे हुआ है। भिवानी और बवानीखेड़ा में पहले क्वार्टर की तुलना दूसरे क्वार्टर में सुधार हुआ है। अभी स्वच्छता सर्वे टीम आनी है और हमारा प्रयास रहेगा कि बेहतर सुधार के बेहतर रैंकिंग हासिल की जाए।
- संजय कुमार, सेनेटरी इंस्पेक्टर, नगर परिषद भिवानी