स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवों को स्वच्छ बनाने के लिए दो साल पहले बनाए प्लान को अब लागू करने की तैयारी हो गई है। इसके तहत अब गांव में खुले में कचरा फेंका या खुले में थूका तो 50 से पांच हजार रुपये तक जुर्माने का प्रावधान किया गया है। सबसे अहम गांवों में कचरे के निस्पादन पर भी फोकस किया गया है। प्रत्येक गांव में वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट बनाया जाएगा। जिसके लिए पंचायती राज विभाग द्वारा 52 करोड़ 80 लाख रुपये के बजट की डिमांड मुख्यालय भेजी गई है।
स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत भिवानी जिले के 304 गांवों के अंदर ठोस कचरा, प्लास्टिक कचरा के निस्पादन के लिए वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट बनाए जाएंगे। इतना ही नहीं गांव में सार्वजनिक जगह पर थूकने से लेकर खुले में शौच करने पर भी दो हजार रुपये का जुर्माना लगेगा। वहीं खुले में कचरे को आग लगाने पर पांच हजार रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया है। भिवानी जिला में 304 गांवों के अंदर एक लाख 86 हजार 211 परिवारों की पहचान हो चुकी हैं, वहीं नौ लाख 87 हजार ग्रामीण आबादी भी गांवों में रह रही है। इस आबादी के इस्तेमाल और घरों से निकलने वाले कचरे के अलावा गांव के व्यवसायिक प्रतिष्ठानों से भी कचरे से ग्राम पंचायतें अपनी आमदनी बढ़ाएंगी।
कचरे से होगी ग्राम पंचायत को आमदनी : गांव में घर-घर कूड़ा उठान के लिए पंचायतों द्वारा 40 रुपये से लेकर प्रत्येक परिवार यानी घर से कूड़ा उठान का चार्ज वसूला जाएगा। होटल, ढाबों से एक सौ रुपये , मैरिज पैलेस से पांच सौ रुपये, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से 750 रुपये, शिक्षण संस्थाओं से 200 रुपये, क्लीनिक, डिस्पेंसरी व होस्टल से 800 रुपये, धार्मिक संस्थान से 1000 रुपये प्रति माह चार्ज किया जाएगा। ग्राम पंचायत 150 से 300 घरों की आबादी पर गांव में दो सफाई कर्मचारी, 500 घरों के गांवों में तीन सफाई कर्मचारी व 500 से अधिक घरों के गांवों में चार सफाई कर्मचारी भी रख सकते हैं। इन सफाई कर्मचारियों का मानदेय भी ग्राम पंचायत जुर्माना राशि व कूड़ा उठान से होने वाली आमदनी से कर सकती है।
पंचायतें इस प्रकार लगाएंगी जुर्माना-
कारण जुर्माना राशि
पब्लिक वाहन से बाहर सामान कचरा फेंकने या थूकने पर 50 रुपये
रेहड़ी द्वारा कचरा फेंकने पर 50 रुपये
दुकानदारों द्वारा गली में सामान फेंकने पर 250 से 500 रुपये
धार्मिक स्थानों द्वारा कचरा फेंकने पर 250 रुपये
सीएचसी व पीएचसी द्वारा कचरा फेंकने पर 1500 रुपये
शिक्षण संस्थानों द्वारा कचरा फेंकने पर 500 रुपयेे
उद्योगों द्वारा कचरा फेंकने पर 1500 रुपये
होटल-डाबों द्वारा कचरा फेंकने पर 500 रुपये
किसी परिवार द्वारा खाली प्लाट या खुले में कचरा फेंकने पर 100 रुपये
रोड, पार्क या गली में कचरा फेंकने पर 100 रुपये
खुले में शौच या पेशाब करने पर 2000 रुपये
बारबर द्वारा रोड पर बाल फेंकने पर 800 रुपये
समारोह या रैली आयोजन कर्ताओं द्वारा गंदगी फैलाने पर 1000 रुपये
पशुओं द्वारा गंदगी फैलाने पर मालिक पर 1000 रुपये
सरेआम कचरा जलाने पर 5000 रुपये
जोहड़/तालाब या जलघर में कचरा डालने वालों पर 1500 रुपये
दीवारों पर पोस्टर या पेंटिग करने वालों पर 1000 रुपये
गोबर को सार्वजनिक जगह पर डालने पर 750 रुपये
प्रत्येक गांव में कचरे का निस्पादन किया जाएगा। इसके लिए गांव में ही प्लांट बनाए जाएंगे। अब तक तोशाम व बहल की ग्राम पंचायतों द्वारा इस तरह की व्यवस्था शुरू की गई हैं, जिन्हें एनजीटी के आदेशानुसार मार्च 2020 तक जिले के सभी गांवों में लागू कराया जाएगा। इससे गांव स्वच्छ होंगे और ग्राम पंचायत की आमदनी भी बढ़ेगी।
- सतीश कुमार, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण
सभी गांवों में कूड़ा उठान का प्रबंध करने और इसका निस्पादन भी गांव में ही किए जाने की प्लानिंग पर सभी ग्राम पंचायतों से एस्टीमेट मांगा गया है। इस व्यवस्था को सभी गांवों में लागू किया जाएगा। इसके लिए संबंधित पंचायती राज विभाग के अधिकारियों के साथ साथ प्रशासनिक अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए जा चुके हैं।
- डॉ. विजय कुमार अतिरिक्त उपायुक्त भिवानी