बवानीखेड़ा (भिवानी)। मुख्यमंत्री द्वारा निलंबित किए गए पटवारी की बुधवार को जहरीला पदार्थ निगलने से संदिग्ध हालात में मौत हो गई। पटवारी बवानीखेड़ा-जाटूलुहारी के बीच रजवाहे के पास खेतों में गिरदावरी के लिए गया था कि इसी दौरान उसकी बेसुध पड़े होने की सूचना तहसील कार्यालय में मिली। इसके बाद तहसील कार्यालय से कर्मचारी मौके पर पहुंचे और उसे पहले जिला नागरिक अस्पताल लेकर आए, जहां से उसे पीजीआई रेफर कर दिया। पीजीआई में उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। फिलहाल बवानीखेड़ा पुलिस मामले की तहकीकात में जुटी है।
बता दें कि भिवानी की एक महिला द्वारा संपत्ति का इंतकाल देरी से करने और गलत कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करने के मामले में शिकायत दी गई थी। नायब तहसीलदार आलमगीर ने पटवारी ललित कुमार की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा था कि इंतकाल करके शिकायतकर्ता को उसकी नकल दे दी गई है, जबकि वास्तव में शिकायतकर्ता को इंतकाल की कोई कॉपी नहीं मिली थी। इसी मामले में भिवानी के नायब तहसीलदार आलमगीर और पटवारी ललित कुमार को तुरंत प्रभाव से निलंबित करने का आदेश दिया था। साथ ही दोनों के खिलाफ नियम-7 के तहत कार्रवाई भी अमल में लाने का निर्देश दिए थे।
पटवारी ललित की फिलहाल बवानीखेड़ा तहसील कार्यालय में ड्यूटी थी। बताया जा रहा है कि बवानीखेड़ा और जाटुलुहारी के बीच रजवाहे के पास वह भूमि की पैमाइश के लिए गया हुआ था कि इसी दौरान उसे बेसुध हालत में देखा गया तो तहसील कार्यालय के कर्मचारी ही अस्पताल लेकर गए थे। बताया जा रहा है कि मृतक ने सुसाइड नोट भी लिखा है, फिलहाल इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है। जिसमें राजस्व विभाग के अधिकारियों के नाम होने की आशंका है।
बवानीखेड़ा पुलिस के समक्ष भिवानी नागरिक अस्पताल की चौकी से ललित पटवारी द्वारा जहरीला पदार्थ निगलने का एक रुक्का मिला है। पुलिस वीरवार को इस मामले कार्रवाई करेगी। पुलिस के समक्ष इस मामले से जुड़ी कोई भी अन्य जानकारी अभी नहीं है।
- संजय कुमार, एसएचओ बवानीखेड़ा पुलिस थाना।