भिवानी। एक तरफ सरकार लोगों को खुले में शौच न करने के लिए जागरूक कर रही है वहीं दूसरी तरफ शहर में सार्वजनिक शौचालयों पर लटके ताले लोगों को मजबूरी में खुले में शौच करने पर विवश कर रहे हैं। हालात यह हैं कि स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 के लिए आई केंद्रीय मंत्रालय की टीम के लौटते ही शहर के आधुनिक सार्वजनिक शौचालयों पर ताले लटक गए हैं। इसके कारण लोग शौचालयों की दहलीज तक पर शौच करने को मजबूर हैं जिससे गंदगी और बदबू फैल रही है।
स्वच्छ सर्वेक्षण के दौरान शहर में आधुनिक शौचालयों के निर्माण के साथ इनके रखरखाव के लिए ठेकेदार को जिम्मेदारी सौंपी गई थी और कारिंदे भी नियुक्त किए गए थे। लेकिन सर्वेक्षण पूरा होने के बाद हालात बदल गए हैं। आधुनिक शौचालयों की स्थिति सामान्य शौचालयों से भी बदतर हो चुकी है और वहां कारिंदों की जगह ताले लटके दिखाई दे रहे हैं।
दहलीज पर शौच किए जाने से आसपास गंदगी और बदबू फैल रही है जिससे स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सार्वजनिक शौचालय बंद होने के कारण बाजार में आने वाली महिलाओं को सबसे अधिक दिक्कत हो रही है। हाल ही में केंद्रीय मंत्रालय की टीम ने एक सप्ताह तक शहर में स्वच्छता टूलकिट में निर्धारित मानकों के अनुसार सर्वे कर आंकड़े जुटाए थे।
छह सदस्यों ने किया शहर का सर्वेक्षण
स्वच्छ सर्वेक्षण के लिए आई शहरी स्थानीय निकाय विभाग की टीम में छह सदस्य शामिल थे। टीम ने एक सप्ताह तक शहर में स्वच्छता व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। सर्वे के दौरान कचरे के पृथक्करण, संग्रहण और निस्तारण, ठोस कचरा प्रबंधन, प्रयुक्त जल प्रबंधन, दृश्य स्वच्छता, डी-स्लजिंग सेवाओं के मशीनीकरण, स्वच्छता के प्रति जन जागरूकता, इको सिस्टम सुदृढ़ीकरण, संस्थागत पैरामीटर, गारबेज फ्री सिटी, वाटर प्लस ग्रेडिंग, शिकायत निवारण और लोगों से फीडबैक जैसे बिंदुओं का मूल्यांकन किया गया।
डीलक्स शौचालय पर नहीं है कोई सफाई कर्मचारी
नगर परिषद ने शहर में कृष्णा कॉलोनी, हांसी गेट और घंटाघर सहित विभिन्न स्थानों पर डीलक्स शौचालय बनवाए हैं। इनमें पानी की टंकी, वॉशबेसिन, इन्वर्टर, बैटरी, शीशे और हाथ सुखाने की मशीनें स्थापित हैं। लेकिन कोई कारिंदा तैनात न होने से सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है। साथ ही शौचालयों में लगे सामान की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं और चोरी का खतरा बना हुआ है।
शहर के सार्वजनिक शौचालयों में स्थापित हैं 200 सीटें
शहर के सार्वजनिक शौचालयों में करीब 200 सीटें स्थापित हैं। सफाई व्यवस्था के लिए ठेकेदार को जिम्मेदारी दी गई है। प्रत्येक शौचालय पर दिन में दो बार सफाई के लिए कर्मचारी की तैनाती और निरीक्षण के लिए कमेटी भी गठित की गई है। लेकिन वास्तविक स्थिति इन दावों से अलग नजर आ रही है। शौचालय परिसरों में नियमित सफाई नहीं होने से बदबू फैली हुई है और लोगों का शौचालयों के पास जाना तक मुश्किल हो गया है।
यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। शौचालयों की देखरेख और सफाई के लिए ठेकेदार को जिम्मेदारी दी गई है। यदि शौचालयों पर ताले लगाए गए हैं तो इसकी जानकारी लेकर उन्हें दोबारा लोगों के लिए खुलवाया जाएगा। आमजन को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। -भवानी प्रताप, चेयरपर्सन प्रतिनिधि, नगर परिषद, भिवानी।