भिवानी। सुंदर ग्रुप की नहरों में डिमांड के मुकाबले काफी कम पानी पहुंचा है। 2210 क्यूसेक के मुकाबले सुंदर ग्रुप को मात्र 898 क्यूसेक पानी मिला है। इसकी वजह से सुंदर सब ब्रांच नहर को बंद करना पड़ा है। वहीं जूई और मित्ताथल फीडर में भी पानी बहुत कम चल रहा है।
इसकी वजह से टेल पर लगने वाले जलघरों तक भी पर्याप्त पानी पहुंचने का संकट बना है। हालांकि भिवानी शहर में पखवाड़े भर से ही शहरवासी राशनिंग झेल रहे हैं। अब नियमित पेयजल आपूर्ति का इंतजार भी नहरी पानी कम आने की वजह से बढ़ गया है।
बुधवार को सुंदर सिस्टम की जूई फीडर में 850 क्यूसेक के मुकाबले 597 क्यूसेक पानी ही मिला है। इसी तरह मित्ताथल फीडर में भी 380 क्यूसेक के मुकाबले 301 क्यूसेक पानी ही पहुंचा है। सुंदर सब ब्रांच में सिंचाई अधिकारियों ने 980 क्यूसेक पानी की डिमांड भेजी थी, मगर नहर में 2210 क्यूसेक के मुकाबले मात्र 898 क्यूसेक पानी आने की वजह से बंद करना पड़ा है।
सुंदर सब ब्रांच से बवानीखेड़ा और हांसी क्षेत्र के करीब 92 से अधिक गांव लगते हैं। जिनमें पानी का संकट बन गया है वहीं किसानों की खेतों की सिंचाई के लिए भी मुश्किलें बढ़ गई हैं।
जिले के 150 से अधिक गांवों में बना पानी का संकट, टैंक भरना बना चुनौती
जिले की जीवनरेखा कहलाने वाली सुंदर ग्रुप की नहरों में इस बार बहुत कम पानी पहुंचा है। सिंचाई अधिकारियों का कहना है कि इस बार नहरी पानी की कमी की वजह से ऐसा हुआ है। पहले से ही दो दिन की देरी से नहरों में पानी पहुंचा है। क्योंकि 24 फरवरी को सुंदर सिस्टम में पानी आने की टर्न थी, मगर दो दिन भालोठ ग्रुप में अतिरिक्त पानी मिलने की वजह से बुधवार को ही टर्न शुरू हुई है। शुरुआत में ही नहरों में काफी कम पानी पहुंचा है। हालांकि बाद में भी नहरी पानी बढ़ने की उम्मीद कम है। ऐसे में एक नहर को बंद कर दूसरी नहर में पानी देना अधिकारियों की मजबूरी भी बनी है। क्योंकि एक साथ सुंदर सिस्टम की सभी नहरों को चलाना संभव नहीं है।
मित्ताथल हेड के दो पंप भी कराए रिपेयर
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने मित्ताथल हेड पर लगाए दो पंप भी रिपेयर कराए हैं, हालांकि दो पंपों की रिपेयरिंग का काम भी होना बाकी है। इससे भी नहरी पानी को पंपिंग कर जलघर के टैंकों तक पहुंचाना आसान हो गया है। रिपेयरिंग के बाद पंपिंग सिस्टम की क्षमता भी बढ़ गई है। मित्ताथल हेड से करीब 11 किमी पाइप लाइन के जरिये ही पुराने जलघर तक पानी पहुंच रहा है।
जूई फीडर में पानी आने के बाद पुराना जलघर के टैंकों को पानी की आपूर्ति मिलना शुरू हो गई है। जलघर के टैंकों में पर्याप्त भंडारण के उपरांत ही पूरे शहर में पानी की आपूर्ति नियमित हो पाएगी। फिलहाल टैंकों में पर्याप्त नहरी पानी का भंडारण कराने की व्यवस्था की जा रही है।
-ताजदीन, कनिष्ठ अभियंता, शहरी पेयजल शाखा जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग।